जाति व्यवस्था—क्या यह समाज को व्यवस्थित करने का तरीका थी, या इंसान को इंसान से बाँटने वाली व्यवस्था? ⚖️ डॉ. बी. आर. अंबेडकर ने जाति और सामाजिक असमानता की तीखी आलोचना की, जबकि एम. एस. गोलवलकर की सामाजिक दृष्टि को लेकर इतिहास में अलग-अलग व्याख्याएँ मिलती हैं। सवाल आज भी वही है—परंपरा के नाम पर असमानता कितनी स्वीकार्य है? इतिहास पढ़िए, दोनों विचारों को समझिए और फैसला तथ्यों के आधार पर कीजिए। 📜🔥 #DrB R Ambedkar #Caste #system #social #justice
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