आज़ादी सिर्फ़ तिरंगा फहराने का नाम है, या बोलने, लिखने, सवाल पूछने और बराबरी का मौका पाने की आज़ादी भी है? इस Independence Day पर “कौन आज़ाद है?” एक सवाल है — प्रेस, मीडिया, रेडियो, बॉलीवुड, IAS, IPS, न्यायपालिका, चुनाव आयोग, कारोबार, सरकारी भर्तियाँ, स्कूल और कॉलेज… क्या हर नागरिक को वास्तव में बराबर अवसर और अपनी बात कहने की पूरी आज़ादी मिल रही है? यह गीत किसी एक व्यक्ति या संस्था के बारे में अंतिम फैसला नहीं देता। यह लोकतंत्र, स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर सवाल उठाता है। ##कौनआज़ादहै #आजादी #IndependenceDay #democracy #india
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