aasifkhan422
कभी इसी मिट्टी के लोग...
अपने ही देश में
दूसरों की हुकूमत के नीचे खड़े होते थे।
कोई उनके लिए पंखा करता था...
कोई उनकी सेवा में खड़ा रहता था...
और कोई सिर्फ इसलिए झुकता था,
क्योंकि सामने वाला अंग्रेज था।
सोचिए...
जिस धरती ने हमें जन्म दिया,
उसी धरती पर हमारे अपने लोगों को
इंसान से कम समझे जाने का अपमान सहना पड़ा।
ये सिर्फ गुलामी नहीं थी...
ये धीरे-धीरे किसी इंसान से
उसका आत्मसम्मान छीन लेने की कहानी भी थी।
और फिर...
इसी मिट्टी से आवाज़ उठी–
"अब और नहीं!"
जिन्होंने झुकना सीखा था,
उन्होंने खड़ा होना सीखा।
जिनकी आवाज़ दबाई गई थी,
उन्होंने आज़ादी माँगी।
आज हम इन तस्वीरों को देखकर शायद सोचें–
"हमारे साथ ऐसा कैसे हो सकता था?"
लेकिन यही इतिहास हमें याद दिलाता है...
आज़ादी को हल्के में मत लेना। 🇮🇳
क्योंकि इसे पाने में एक पीढ़ी नहीं,
कई पीढ़ियों का साहस लगा था।
आज तिरंगा सिर्फ इसलिए मत लहराइए
कि आज 15 अगस्त है...
उसे देखकर एक बार दिल से कहिए:
"मैं आज़ाद हूँ...
और मुझे इस आज़ादी की कदर है।
जय हिंद।" #🇮🇳Selfie With Tiranga🇮🇳 #💪दमदार एक्टिंग वीडियो🎥 #👍 डर के आगे जीत👌 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️