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- Shikha Pandey#श्री हरि1722
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- 🌹 जय श्री राधे कृष्णा ❤️🥰🌺#श्री विष्णु हरि नारायण1114
- Shree lakshmi#🌷शुभ गुरुवार #happy thursday #श्री हरि #🕉️सनातन धर्म🚩 #❤️शुभकामना सन्देश8663
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- Mk Creations#🙏 भगवान विष्णु #शुभ गुरूवार Jay Shri Hari Vishnu Jay Lakshmi Narayan #💐शुभ गुरुवार 💐 जय 🌄श्री हरि विष्णु भगवान🌻ऊं साई राम🌻 गुड मॉर्निंग 🌺 शुभकामना संदेश 💐🌻 #shri hari vishnu dev maharaj 🌹 whatsapp bhakti status जय श्री हरि विष्णु नारायण #श्री विष्णु हरि नारायण2128
- -Krishna /kaali#जय श्री जगदीश हरे 🪷🙏🪷 #श्री विष्णु हरि नारायण #🙏जय श्री बद्रीनाथ जी 🙏 #श्री बद्रीनाथ धाम #💓मेरी ज़िन्दगी @ princess shahiba *""m""*जय बद्रीनाथ 🌷🙏🌷जय जगदीश हरे 🌷🙏🌷राधे राधे 🌹🙏🌹श्री नारायण बद्रीनाथ जी तुम पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखें 🌹🙏🌹स्वस्थ रखें, दीर्घायु करें, सौभाग्य वती रखें 🌹🙏🌹3175
- 💞 radhe radheji 💞 solvin💞#श्री विष्णु हरि नारायण2418
- sn vyas#श्री हरि विष्णु #श्री हरि 🕉️🙏 जब श्रीहरि ने अपनी हथेली पर पृथ्वी को धारण किया — भगवान विष्णु की दिव्य कथा🕉🚩 🌍 एक बार पृथ्वी ने श्रीहरि को पुकारा... बहुत प्राचीन समय की बात है। पृथ्वी पर अधर्म बढ़ने लगा था। मनुष्य अपने स्वार्थ में प्रकृति को भूलने लगे और धर्म का संतुलन डगमगाने लगा। पृथ्वी ने करुण स्वर में भगवान विष्णु से प्रार्थना की— “हे नारायण! मैं आपके समस्त जीवों का भार अपने ऊपर धारण करती हूँ, लेकिन आज मेरा संतुलन बिगड़ रहा है। मेरी रक्षा कौन करेगा?” श्रीहरि ने अपनी दिव्य दृष्टि से पृथ्वी की ओर देखा। उन्होंने कहा— “हे धरती माता, जब तक इस सृष्टि में धर्म का एक भी दीप जल रहा है, तब तक तुम्हें अकेला नहीं समझना।” 🪷 श्रीहरि ने पृथ्वी को अपनी हथेली पर उठाया भगवान विष्णु ने अपनी हथेली आगे बढ़ाई और पृथ्वी को अपने दिव्य संरक्षण में ले लिया। उस क्षण देवताओं ने देखा कि असंख्य ग्रह, नक्षत्र और आकाशगंगाएँ भी उसी विराट व्यवस्था का हिस्सा हैं। श्रीहरि बोले— “मैं इस पृथ्वी का स्वामी बनकर नहीं, उसका रक्षक बनकर इसे धारण करता हूँ।” और फिर उन्होंने एक गहरा संदेश दिया— “पृथ्वी तुम्हारी संपत्ति नहीं है। तुम उसके केवल संरक्षक हो।” 🌀 सुदर्शन चक्र का रहस्य उनकी उँगली पर घूमता सुदर्शन चक्र केवल युद्ध का अस्त्र नहीं माना जाता, बल्कि धर्म और cosmic order के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब श्रीहरि धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। “परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।” अर्थात धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश के लिए भगवान अवतार लेते हैं। 🌺 हाथ में कमल क्यों? श्रीहरि के दूसरे हाथ में कमल है। कमल कीचड़ में खिलकर भी निर्मल रहता है। इसलिए यह हमें सिखाता है— “परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अपने भीतर की पवित्रता को मत खोना।” 🐚 शंख की आवाज़ भगवान के हाथ में शंख धर्म और शुभता की घोषणा करता है। मानो वह पूरी सृष्टि से कह रहा हो— “डरो मत… धर्म का प्रकाश कभी समाप्त नहीं होता।” 🌌संदेश:- हम जिस पृथ्वी पर रहते हैं, वह ब्रह्मांड में बहुत छोटी दिखाई देती है। लेकिन भगवान विष्णु की दृष्टि में हर जीव, हर ग्रह और हर कण महत्वपूर्ण है। इसलिए कथा हमें याद दिलाती है— 🌍 धरती की रक्षा करो। 🌿 प्रकृति का सम्मान करो। 🙏 अहंकार छोड़ो। ⚖️ धर्म और सत्य का साथ दो। 🕉️ ईश्वर को केवल मंदिर में नहीं, पूरी सृष्टि में अनुभव करो। और अंत में श्रीहरि मुस्कुराकर कहते हैं— “जब तुम पृथ्वी की रक्षा करते हो, तब वास्तव में तुम मेरी ही सृष्टि की सेवा करते हो।” 🙏 🌺 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🕉️ जय श्री हरि विष्णु 🙏 नारायण नारायण 🌍 धरती माता की जय1024