Archit Kashyap, भक्ति, प्रेरणादायक ,ज्ञान
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सावन के पवित्र महीने की एक भावुक धार्मिक कहानी।
एक छोटे से गाँव में गंगा नाम की एक गरीब लड़की अपनी बूढ़ी माँ के साथ एक छोटे से मिट्टी के घर में रहती थी। घर में गरीबी थी, लेकिन गंगा का मन भगवान महादेव की भक्ति से भरा हुआ था।
गंगा के पास पूजा के लिए महंगे फूल, दूध या प्रसाद खरीदने के पैसे नहीं थे। वह हर सुबह नदी से एक लोटा जल भरकर लाती और गाँव के पुराने शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाती थी।
सावन का महीना शुरू हुआ। गाँव के सभी लोग बड़े उत्साह से भगवान शिव की पूजा करने लगे। कोई दूध चढ़ाता, कोई फूल और कोई तरह-तरह के भोग लगाता। लेकिन गंगा के पास केवल एक लोटा जल और सच्ची श्रद्धा थी।
सावन के पहले सोमवार की सुबह गंगा जल्दी उठी। उसने अपनी माँ के पैर छुए और बोली, “माँ, मैं भोलेनाथ को जल चढ़ाने मंदिर जा रही हूँ।”
गंगा हाथ में जल का लोटा लेकर मंदिर की ओर चल पड़ी। रास्ते में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रास्ता कीचड़ से भर गया और गंगा पूरी तरह भीग गई, लेकिन उसने भगवान शिव का नाम लेना नहीं छोड़ा।
बारिश के बीच वह पुराने शिव मंदिर में पहुँची। मंदिर में उस समय कोई नहीं था। गंगा ने शिवलिंग के सामने बैठकर हाथ जोड़ लिए और भावुक होकर बोली, “हे भोलेनाथ, मेरे पास आपको देने के लिए कुछ भी नहीं है। मेरे पास केवल यह जल और आपकी भक्ति है। मेरी पूजा स्वीकार कर लेना।”
इसके बाद गंगा ने अपने लोटे का पूरा जल शिवलिंग पर चढ़ा दिया और आँखें बंद करके भगवान शिव से प्रार्थना करने लगी। #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 ##ओम नम: शिवाये #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏कर्म क्या है❓
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