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#🌒सूर्य ग्रहण के दौरान न करें ये भूल 😮 12 अगस्त यानी आज साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. लेकिन ज्योतिष के अनुसार ग्रहण का प्रभाव उन क्षेत्रों और लोगों पर अधिक माना जाता है, जहां यह दिखाई देता है. ज्योतिषियों के मुताबिक, यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगने जा रहा है. तो चलिए अब जानते हैं कि सूर्य ग्रहण से जुड़ी हर जानते हैं.
द्रिक पंचांग के अनुसार, सूर्य ग्रहण आज रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और ग्रहण का समापन 13 अगस्त की रात 1 बजकर 27 मिनट पर होगा.
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. ऐसे में भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा और लोग अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रख सकते हैं. पूजा-पाठ, मंदिर दर्शन और धार्मिक गतिविधियों पर किसी तरह की रोक नहीं रहेगी.
हालांकि दुनिया के जिन हिस्सों में यह सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, वहां रहने वाले सनातन धर्म को मानने वाले लोगों को सूतक और ग्रहण काल से जुड़े नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है. ग्रहण का प्रभाव केवल ग्रहण के समय तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि इसका असर कुछ समय पहले और बाद तक रहने की मान्यता है.
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या हो सकते हैं बदलाव?
यह पूर्ण सूर्य ग्रहण है और ऐसे ग्रहणों को ज्योतिष में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. उनके मुताबिक ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के साथ नक्षत्रों का प्रभाव भी महत्वपूर्ण होता है. ग्रहण के समय चंद्रमा अश्लेषा नक्षत्र में रहेगा. अश्लेषा को परिवर्तन, आध्यात्मिकता और गहरी रिसर्च से जुड़ा नक्षत्र माना जाता है. ऐसे में यह समय लोगों को अपनी जिंदगी में बदलाव और आत्ममंथन करने का अवसर भी दे सकता है. यह भी कहा कि यदि व्यक्ति अपनी जिंदगी को सकारात्मक तरीके से व्यवस्थित करने और गलत आदतों को छोड़ने की कोशिश करता है तो इस समय का सकारात्मक इस्तेमाल किया जा सकता है. #🆕 ताजा अपडेट #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🎞️आज के वायरल अपडेट्स