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Farha noor - Author on ShareChat
Farha noor
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#💐 آداب 👐

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  • ShareChat Urdu - Author on ShareChat
    ShareChat Urdu
    . #💐 آداب 👐
    آداب کچھ لوگ سلیقہ بھی رکھتے ہیں باتوں کا اردو جنیں آتی ہے ، آداب لئے پھرتے ہیں آپ بھی # آداب استعمال کرتے ہوئے ایسے ہی پوسٹ کریں ShareChat
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  • s n - Author on ShareChat
    s n
    #💐 آداب 👐
    अल्लाह ने फज़ , ज़ुहर, असर, मग़रीब और इशा के ये नाम क्यों रखे? जवाब जान कर नमाज़ से मुहब्बत और बढ़ जाएगी हम रोज़ नमाज़ पढ़ते हैं, लेकिन जब इनके नामों का १. फज़ (>ill) = सुबह का उजाला  सही मतलब समझ में आता है, तो हर नमाज़ का " फज़ " का मतलब है सुबह का फूटना, [ 3i77 ಶಾ೯ जाता है। जब अंधेरा चीर कर पहली रोशनी निकलती है। एहसास बदल फज़ा की पहली रोशनी से लेकर इशा की तारीकी तक यह नमाज़ हमें याद दिलाती है कि हर नया शुरू होता है। अल्लाह ने हमारे पूरे दिन के हर वक्त को अपनी याद  दिन अल्लाह की रहमत के साथ और सुकून से बांध दिया है।  2 2. ತ್ರ೯ (ಳ ) . दोपहर का समय फज़ः नई शुरुआत का मौका|  " जुहर " का मतलब है दोपहर , जब सूरज़  से ढलना शुरू करता है। अपनी ব্রুলনী : जुहरः भाग दौड़ के बीच रब की याद।  $ কাসী  के दरमियान अल्लाह असरः वक्त की कद्र।  को याद करने का पैगाम है। 3 ३. असर (aall) ~ शाम से पहले का समय  मगरीबः पूरे दिन का शुक़्राना | " असर " का मतलब है शाम से पहले का वक्त " इशाः अल्लाह पर भरोसा करके  या दिन का ढलता हिस्सा।  सुकून की नींद। বরিলানী E কি বক কিননী নড়ী ম यह याद गुज़र रहा है और हर लम्हा कीमती है। डीप रिफ्लेक्शन ४. मगरीब (yall) ~ सूरज का ढलना  अल्लाह ने इन नमाज़ों के नाम उनके औकात (वक़्त ) के मुताबिक रख़े हैं। "সযাবীন" কা মনলন ট মুতে ক্রা गुरुब होना ( सनसेट) । हर नाम सिर्फ़ एक नाम नहीं, बल्कि दिन के इरख़िताम पर अल्लाह का  हमें उस वक्त की अहमियत और अल्लाह की याद की तरफ़ बुलाता है। शुकर अदा करने का वक्त है।  ५. इशा (Liall) ~ रात का समय आयत 37 " इशा " का मतलब है रात की तारीकी का  " और नमाज़ कायम करो॰ बेशक DT UITTT मोमिनों पर मुक़र्रर औकात अहमियतः नमाज़ में फर्ज़ की गई है।" दिन के आखिर र्में अपने रब के सामने खडे होकर उसकी हिफाजत और रहमत की तालब करने का वक्त | (सूरह अन-निसा ४:1०३) गर्लतीकेलिए भाफी सारी।। नीयत की पाकी सबसे यदकर ह। अल्लाह ने फज़ , ज़ुहर, असर, मग़रीब और इशा के ये नाम क्यों रखे? जवाब जान कर नमाज़ से मुहब्बत और बढ़ जाएगी हम रोज़ नमाज़ पढ़ते हैं, लेकिन जब इनके नामों का १. फज़ (>ill) = सुबह का उजाला  सही मतलब समझ में आता है, तो हर नमाज़ का " फज़ " का मतलब है सुबह का फूटना, [ 3i77 ಶಾ೯ जाता है। जब अंधेरा चीर कर पहली रोशनी निकलती है। एहसास बदल फज़ा की पहली रोशनी से लेकर इशा की तारीकी तक यह नमाज़ हमें याद दिलाती है कि हर नया शुरू होता है। अल्लाह ने हमारे पूरे दिन के हर वक्त को अपनी याद  दिन अल्लाह की रहमत के साथ और सुकून से बांध दिया है।  2 2. ತ್ರ೯ (ಳ ) . दोपहर का समय फज़ः नई शुरुआत का मौका|  " जुहर " का मतलब है दोपहर , जब सूरज़  से ढलना शुरू करता है। अपनी ব্রুলনী : जुहरः भाग दौड़ के बीच रब की याद।  $ কাসী  के दरमियान अल्लाह असरः वक्त की कद्र।  को याद करने का पैगाम है। 3 ३. असर (aall) ~ शाम से पहले का समय  मगरीबः पूरे दिन का शुक़्राना | " असर " का मतलब है शाम से पहले का वक्त " इशाः अल्लाह पर भरोसा करके  या दिन का ढलता हिस्सा।  सुकून की नींद। বরিলানী E কি বক কিননী নড়ী ম यह याद गुज़र रहा है और हर लम्हा कीमती है। डीप रिफ्लेक्शन ४. मगरीब (yall) ~ सूरज का ढलना  अल्लाह ने इन नमाज़ों के नाम उनके औकात (वक़्त ) के मुताबिक रख़े हैं। "সযাবীন" কা মনলন ট মুতে ক্রা गुरुब होना ( सनसेट) । हर नाम सिर्फ़ एक नाम नहीं, बल्कि दिन के इरख़िताम पर अल्लाह का  हमें उस वक्त की अहमियत और अल्लाह की याद की तरफ़ बुलाता है। शुकर अदा करने का वक्त है।  ५. इशा (Liall) ~ रात का समय आयत 37 " इशा " का मतलब है रात की तारीकी का  " और नमाज़ कायम करो॰ बेशक DT UITTT मोमिनों पर मुक़र्रर औकात अहमियतः नमाज़ में फर्ज़ की गई है।" दिन के आखिर र्में अपने रब के सामने खडे होकर उसकी हिफाजत और रहमत की तालब करने का वक्त | (सूरह अन-निसा ४:1०३) गर्लतीकेलिए भाफी सारी।। नीयत की पाकी सबसे यदकर ह।
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  • s n - Author on ShareChat
    s n
    #💐 آداب 👐
    Sabr Kabhi Zaya Nahi Jaata, Allah Har Aansu Ka Behtareen Badla Deta [[ai.. Sabr Kabhi Zaya Nahi Jaata, Allah Har Aansu Ka Behtareen Badla Deta [[ai..
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  • Hamza Khan - Author on ShareChat
    Hamza Khan
    #💞دعا میں یاد رکھنا 🤲🏻 #💐 آداب 👐 #👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑 #👬 عشق vs دوستی ❤ #🥰میرا سٹیٹس ❤️
    ایامرف ےنئلع ترضح وج ےہەو چرخ نیرتہب ےےبس اکرہوش ےیلےرہوشوت ےباترکرپ یویب ینپا ء 09 لوهک لد ەو مک ےب حضاوم الہپرپ رہوش ےرک چرخرپ یویب ینپا | ەو ہکنویک ےاک یویب یک سا قح UI ےاتامک ے بیصن  ایامرف ےنئلع ترضح وج ےہەو چرخ نیرتہب ےےبس اکرہوش ےیلےرہوشوت ےباترکرپ یویب ینپا ء 09 لوهک لد ەو مک ےب حضاوم الہپرپ رہوش ےرک چرخرپ یویب ینپا | ەو ہکنویک ےاک یویب یک سا قح UI ےاتامک ے بیصن
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  • A♥️R - Author on ShareChat
    A♥️R
    #🥰میرا سٹیٹس ❤️ #🤗دلچسپ حقیقت #💐 آداب 👐
    میرا سٹیٹس, دلچسپ حقیقت
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  • Hamza Khan - Author on ShareChat
    Hamza Khan
    #💐 آداب 👐 #💞دعا میں یاد رکھنا 🤲🏻 #👬 عشق vs دوستی ❤ #🥰میرا سٹیٹس ❤️ #👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑
    رورغ الب باوج ےہسايک رورغ اچوپ ےنیسک تاقوا ینا اک ناسنا ےنب س کاخ اناج لوجب رورغ الب باوج ےہسايک رورغ اچوپ ےنیسک تاقوا ینا اک ناسنا ےنب س کاخ اناج لوجب
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  • Hamza Khan - Author on ShareChat
    Hamza Khan
    #💐 آداب 👐 #💞دعا میں یاد رکھنا 🤲🏻 #👬 عشق vs دوستی ❤ #🥰میرا سٹیٹس ❤️ #📤Love Status💖
    ںیھک ৩ 03 _వూ; 212 பஃ் یهج U* ப் 0ఘ 0) ںیھک ৩ 03 _వూ; 212 பஃ் یهج U* ப் 0ఘ 0)
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  • Mr_Infinite_ - Author on ShareChat
    Mr_Infinite_08
    #📒میری ڈائری #💐 آداب 👐
    ? یک یرگڈ یسکوک تبحم ںيُن ترورض ~ لد فرح ےسس ७ ? یک یرگڈ یسکوک تبحم ںيُن ترورض ~ لد فرح ےسس ७
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  • s n - Author on ShareChat
    s n
    #💐 آداب 👐 #💞دعا میں یاد رکھنا 🤲🏻
    (डेली ज़िक्र ) रोज़मर्रा के ज़िक्र करते हुए सफ़ांई के दौरान खाना पकाते वक़्त कपड़ साफ़ ُرَبْكَأ ُهَللَا ಬಓಗ ِهّللا َنَاَحْبُس अल्हमदुलिल्लाह अल्लाहु अकबर सुबऱ्हान अल्लाह (अल्लाह सबसे बड़ा है) (अल्लाह पाक है (तमाम तारीफ़ सिर्फ़ अल्लाह के लिए है) 74# कपड़ धोते वक़्त कूड़ा फेँकते वक़्त सामान ُهَّلا اَّلِإَهلِإَآَل ِهَللاِب اَّلِإ َةَّوُْقاَلَو َلْوَحاَل ِهّللا_ اُرِفْغَتْسَأ अस्तगफ़िरुल्लाह ला हौला वला कुववता इल्ला बिल्लाह ला इलाहा इल्लल्लाह ( अल्लाह की मदद के बिना कोई (मैं अल्लाह से माफ़ी मांगता / मांगती हूँ) (अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं ) ताक़रत और कोई शक्ति नहीं ) छोटी छोटी नेकीयां भी बहुत बड़ा अज़ रखती हैं ज़िक्र को आदत बनाएं নিন্রশী ম বংক্রন লাৎ रोज़मर्रा के ज़िक्र को याद रखें और अपने दिल में महफूज़ करें (डेली ज़िक्र ) रोज़मर्रा के ज़िक्र करते हुए सफ़ांई के दौरान खाना पकाते वक़्त कपड़ साफ़ ُرَبْكَأ ُهَللَا ಬಓಗ ِهّللا َنَاَحْبُس अल्हमदुलिल्लाह अल्लाहु अकबर सुबऱ्हान अल्लाह (अल्लाह सबसे बड़ा है) (अल्लाह पाक है (तमाम तारीफ़ सिर्फ़ अल्लाह के लिए है) 74# कपड़ धोते वक़्त कूड़ा फेँकते वक़्त सामान ُهَّلا اَّلِإَهلِإَآَل ِهَللاِب اَّلِإ َةَّوُْقاَلَو َلْوَحاَل ِهّللا_ اُرِفْغَتْسَأ अस्तगफ़िरुल्लाह ला हौला वला कुववता इल्ला बिल्लाह ला इलाहा इल्लल्लाह ( अल्लाह की मदद के बिना कोई (मैं अल्लाह से माफ़ी मांगता / मांगती हूँ) (अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं ) ताक़रत और कोई शक्ति नहीं ) छोटी छोटी नेकीयां भी बहुत बड़ा अज़ रखती हैं ज़िक्र को आदत बनाएं নিন্রশী ম বংক্রন লাৎ रोज़मर्रा के ज़िक्र को याद रखें और अपने दिल में महफूज़ करें
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  • kuddattulla - Author on ShareChat
    kuddattulla
    https://sharechat.com/post/mljNXqRa?d=n&ui=WQP07E&e1=c #💐 آداب 👐
    Sharechat @i am unique farr:. تہب, تەوع 0$ <ೆ 2 لوکول *I८ ८ , تم Sharechat @i am unique farr:. تہب, تەوع 0$ <ೆ 2 لوکول *I८ ८ , تم
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