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Vidya - Author on ShareChat
Vidya
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#🪔तुलसी दास जयंती 📿

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  • ꧁꧂ भक्ति भावना ꧁꧂ - Author on ShareChat
    ꧁꧂❦︎ भक्ति भावना ❦︎꧁꧂
    #🪔तुलसी दास जयंती 📿
    गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे तुलसी ' साथी विपति के, विद्या, विनय, विवेक। साहस, सुकृत, सुसत्य-्व्रत, राम-्भरोसो एक।। अर्थ : विपत्ति के समय विद्या, विनम्रता, विवेक, साहस, अच्छे कर्म और सत्य का संकल्प मनुष्य के सच्चे साथी बनते हैं। लेकिन इन सबसे बढ़कर एक अटूट सहारा है - प्रभु श्रीराम पर विश्वास। নিনয विवेक विद्या साहस सुकृत सुसत्य ्व्रत
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  • REENA_SHARMA - Author on ShareChat
    REENA_SHARMA🌺
    #🪔तुलसी दास जयंती 📿
    तुलसी दास जयंती
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  • ꧁꧂ भक्ति भावना ꧁꧂ - Author on ShareChat
    ꧁꧂❦︎ भक्ति भावना ❦︎꧁꧂
    #🪔तुलसी दास जयंती 📿
    गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे a a [ सतवसीदास [ [ a तुलसी ' सुब छल छाँड़िकै, कीजै राम सुनेह। अंतर पति सुों है कहा, जिन देखी सुब देह।। [ [ अर्थ : तुलसीदास जी कहते हैं कि सभी छल कपट छोड़कर प्रभु श्रीराम से सच्चा प्रेम करो। उस अंतर्यामी प्रभु से भला क्या छिपाया जा सकता है, जो प्रत्येक जीव के भीतर और उसके कर्मो को जानने वाले हैं।
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  • ꧁꧂ भक्ति भावना ꧁꧂ - Author on ShareChat
    ꧁꧂❦︎ भक्ति भावना ❦︎꧁꧂
    #🪔तुलसी दास जयंती 📿
    गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे बिनु  विश्वास भगति नहीं , নিনু तेही বনঙ্টি ন হাম | सपनेहुँ, j राम ्कृपा जीव न लहि विश्राम।। अर्थ : बिना विश्वास के सच्ची भक्ति नहीं होती, और भक्ति के बिना प्रभु श्रीराम का हृदय नहीं पिघलता। जब तक राम-कृपा प्राप्त न हो, तब तक जीव को स्वप्न में भी सच्ची शांति और विश्राम नहीं मिल सकता। गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे बिनु  विश्वास भगति नहीं , নিনু तेही বনঙ্টি ন হাম | सपनेहुँ, j राम ्कृपा जीव न लहि विश्राम।। अर्थ : बिना विश्वास के सच्ची भक्ति नहीं होती, और भक्ति के बिना प्रभु श्रीराम का हृदय नहीं पिघलता। जब तक राम-कृपा प्राप्त न हो, तब तक जीव को स्वप्न में भी सच्ची शांति और विश्राम नहीं मिल सकता।
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  • ꧁꧂ भक्ति भावना ꧁꧂ - Author on ShareChat
    ꧁꧂❦︎ भक्ति भावना ❦︎꧁꧂
    #🪔तुलसी दास जयंती 📿
    गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे घर दीन्हे घर जात है, घर छोड़़े घर जाय। 'तुलसी ' घर बन बीच रहू, ঈম-ত্রুয राम छाय।। अर्थ : तुलसीदास जी कहते हैं कि केवल गृहस्थी के मोह में डूब जाना भी उचित नहीं और घर छोड़ देना ही समाधान नहीं। घर और वन - दोनों के बीच रहकर श्रीराम के प्रेम का सुंदर नगर बसाओ।   में प्रभु " किसी में आसक्ति न रखो और अपने हृदय गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे घर दीन्हे घर जात है, घर छोड़़े घर जाय। 'तुलसी ' घर बन बीच रहू, ঈম-ত্রুয राम छाय।। अर्थ : तुलसीदास जी कहते हैं कि केवल गृहस्थी के मोह में डूब जाना भी उचित नहीं और घर छोड़ देना ही समाधान नहीं। घर और वन - दोनों के बीच रहकर श्रीराम के प्रेम का सुंदर नगर बसाओ।   में प्रभु " किसी में आसक्ति न रखो और अपने हृदय
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  • amma Nani ka deewana - Author on ShareChat
    amma Nani ka deewana
    #🪔तुलसी दास जयंती 📿 #🌷शुभ बुधवार
    तुलसी दास जयंती, शुभ बुधवार
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  • vijay kumar - Author on ShareChat
    vijay kumar
    #जय श्री गणेश #तुलसी दास जंयती #शुभ बुधवार
    స్కర बुधवार गणेश जी की कृपा নাম অযনী तुलसी आप और आपके परिवार बनी रहे পয মন্রা भगवान गणेश जी की कृपा Tனa दास जी को तुलसी कोटि-कोटि नमन बुधवार का दिन आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता लेकर आए!
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  • Amit_bansal - Author on ShareChat
    Amit_bansal
    #🪔तुलसी दास जयंती 📿
    तुलसी दास जयंती
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  • ꧁꧂ भक्ति भावना ꧁꧂ - Author on ShareChat
    ꧁꧂❦︎ भक्ति भावना ❦︎꧁꧂
    #🪔तुलसी दास जयंती 📿
    Il श्री राम जय राम जय जय राम Il ٢٤ ٥ तुलसी चले गए॰॰॰ रामकथा गोस्वामी तुलसीदास जी ने संपूर्ण जीवन अपना श्रीराम के नाम, भक्ति और कथा को समर्पित कर दिया। মময নীননা সযা. लेकिन उनकी वाणी कभी नहीं मिट सकी। आज भी जहाँ रामचरितमानस का पाठ होता है, जहाँ हनुमान चालीसा गूँजती है, वहाँ तुलसी की भक्ति जीवित हो उठती है। ন तक राम नाम रहेगा , रहेगी। " বুলমী কী নাতীী 3ম২ गोस्वामी तुलसीदास जी ক্রী থান-থান নমন जय श्री राम लिखकर श्रद्धांजलि अर्पित करें
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  • ꧁꧂ भक्ति भावना ꧁꧂ - Author on ShareChat
    ꧁꧂❦︎ भक्ति भावना ❦︎꧁꧂
    #🪔तुलसी दास जयंती 📿
    गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे सिंधु " गंगा जमुना सुरसती , सात ` भरपूर। 'तुलसी ' चातक के मते, बिन स्वाती सब धूर।I अर्थ : गंगा, यमुना, सरस्वती और सातों समुद्र जल से भरे हों , फिर भी चातक के लिए स्वाति की बूंद के बिना सब व्यर्थ हैं। तुलसीदास जी बताते हैं कि सच्चा प्रेमी अपने प्रिय के अतिरिक्त किसी दूसरे आकर्षण की इच्छा नहीं करता। {
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