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Vaghul Mehul - Author on ShareChat
Vaghul Mehul
571 views • 13 hours ago
#કબીરવાણી #📱વ્હોટ્સએપ સ્ટેટ્સ📱 #👌બેસ્ટ સ્ટેટ્સ📱

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  • કે એસ - Author on ShareChat
    કે એસ
    #🙏 ભક્તિ & ધર્મ #સંત કબીર
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  • કે એસ - Author on ShareChat
    કે એસ
    #સંત કબીર
    कबीर गर्व न कीजिये रंक न हँसिये कोय। अजहूँ नाव समुद्र में, ना जानों क्या होय।। हे मनुष्य! अपने तन-्धन, ज्ञान-प्रभा का अहंकार करके अन्य दीन दुखियों की हंसी न करो। अभी नाव समुद्र के बीच है, पता नहीं भविष्य में तुम्हारी क्या हो! संत कबीर 0rrrre
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  • કે એસ - Author on ShareChat
    કે એસ
    #🙏 ભક્તિ & ધર્મ #સંત કબીર
    आसा त्रिस्ना सिन्धुगति 767 TT ಕ೯| 7 आसा में फँसा , তী ব্ীহ लहर तमाचा खाय। समुद्र की तरंगें   हैं , उनमें 3TT9TT-7UJTT जो   कोई नहीं   होता। qgcr शान्त मन में फंसता है , की आशा 46 जगत  81 নমান उसकी 4 लहरों संत कबीर NNNNNN आसा त्रिस्ना सिन्धुगति 767 TT ಕ೯| 7 आसा में फँसा , তী ব্ীহ लहर तमाचा खाय। समुद्र की तरंगें   हैं , उनमें 3TT9TT-7UJTT जो   कोई नहीं   होता। qgcr शान्त मन में फंसता है , की आशा 46 जगत  81 নমান उसकी 4 लहरों संत कबीर NNNNNN
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  • કે એસ - Author on ShareChat
    કે એસ
    #🙏 ભક્તિ & ધર્મ #સંત કબીર
    ज्यों तिल माहि तेल है, ज्यों चकमक में आग 1 तेरा साईं तुझ ही में है, जाग सके तो जाग 1 जैसे तिल के अंदर तेल होता है, और आग के अंदर रौशनी होती है ठीक वैसे ही हमारा ईश्वर हमारे अंदर ही विद्धमान है, अगर ढूंढ सको तो ढूढ लो। संतकबीर ೦೦೦ ज्यों तिल माहि तेल है, ज्यों चकमक में आग 1 तेरा साईं तुझ ही में है, जाग सके तो जाग 1 जैसे तिल के अंदर तेल होता है, और आग के अंदर रौशनी होती है ठीक वैसे ही हमारा ईश्वर हमारे अंदर ही विद्धमान है, अगर ढूंढ सको तो ढूढ लो। संतकबीर ೦೦೦
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  • કે એસ - Author on ShareChat
    કે એસ
    #સંત કબીર
    d3T క3IT तो क्या हुआ, 5R  ঐs खजूर| पंथी को छाया नहीं , फल लागे अति दूर।। संत कबीर केवल बड़ादिखने से या पद मिलने सेकीई उँचा  भीमहाननहीं होता , यदि उससे दूसरों को लाभ राहत याफ़िर सह्ारा / छ्नायानह्रीमिलती 0 d3T క3IT तो क्या हुआ, 5R  ঐs खजूर| पंथी को छाया नहीं , फल लागे अति दूर।। संत कबीर केवल बड़ादिखने से या पद मिलने सेकीई उँचा  भीमहाननहीं होता , यदि उससे दूसरों को लाभ राहत याफ़िर सह्ारा / छ्नायानह्रीमिलती 0
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  • કે એસ - Author on ShareChat
    કે એસ
    #🌅🌻‼️શુપ્રભાતમ્‼️🌻🌄 #🙏 ભક્તિ & ધર્મ #સંત કબીર સાહેબ...
    ం dst లు dId %15 88 थ्ेभन। वथनो थlनभो५ छे, dll 8Rs dld ?12 ?a (qa[51 % 249 ಯ[e ಟ. ~~ససిన idscన T(ondig ం dst లు dId %15 88 थ्ेभन। वथनो थlनभो५ छे, dll 8Rs dld ?12 ?a (qa[51 % 249 ಯ[e ಟ. ~~ససిన idscన T(ondig
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  • kanu r bariya - Author on ShareChat
    kanu r bariya
    #💐 બુધવાર સ્પેશિયલ #📿ગુરુ પૂર્ણિમાની શુભેચ્છા🌸 #📿ગુરુ પૂર્ણિમા સ્ટેટ્સ🌸 #🙏ગુરૂનો મહિમા😇 #સંત કબીર સાહેબ...
    शुल २वा२ C७IG. भित्रो 9೦೯೧೨೫l2 4000 ೧0೯ 4Ghu] 93 पर्व नी खा&g शुलिडभनाथों yতিম 33 :C 3*ue 2ul3d शुल २वा२ C७IG. भित्रो 9೦೯೧೨೫l2 4000 ೧0೯ 4Ghu] 93 पर्व नी खा&g शुलिडभनाथों yতিম 33 :C 3*ue 2ul3d
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  • કે એસ - Author on ShareChat
    કે એસ
    #સંત કબીર
    जल बिच कमल , कमल बिच कलियाँ तापर भंवर निवासी जो मन बस त्रिलोक भयाे है जपी हो तपी सन्यासी पानी मह मीन भावार्थ कबीर दास जी कहते हैं कि जिस प्रकार कमल के फूल और कलियाँ पानी के भवरों में गोते खाते रहते हैं, उसी प्रकार यह मन माया के तीनों लोकों में झूलता रहता है। जल बिच कमल , कमल बिच कलियाँ तापर भंवर निवासी जो मन बस त्रिलोक भयाे है जपी हो तपी सन्यासी पानी मह मीन भावार्थ कबीर दास जी कहते हैं कि जिस प्रकार कमल के फूल और कलियाँ पानी के भवरों में गोते खाते रहते हैं, उसी प्रकार यह मन माया के तीनों लोकों में झूलता रहता है।
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  • કે એસ - Author on ShareChat
    કે એસ
    #🙏 ભક્તિ & ધર્મ #સંત કબીર સાહેબ...
    ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय | औरन को शीतल करे आपहु शीतल होय II सजुष्य को हँमेशाँ ऐसी शाषा बोलजी चाहिए, जो अहंकार से मुक्त हो । को तो सुख 8 पहुँचाती  6 ढूसरों साथ ही खुद के भज को शी शांति देती है | संत कबीर NNNNNS ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय | औरन को शीतल करे आपहु शीतल होय II सजुष्य को हँमेशाँ ऐसी शाषा बोलजी चाहिए, जो अहंकार से मुक्त हो । को तो सुख 8 पहुँचाती  6 ढूसरों साथ ही खुद के भज को शी शांति देती है | संत कबीर NNNNNS
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