My Bite
"मोरे प्रितम"
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प्रित बंधन के प्रेम गाँठ को,
कुछ ऐसे ही सरकाना तुम।
कही भी रहना मोरे प्रितम,
पर शाम को घर आजाना तुम।
देर ना करना अब तुम यूँ,
फिक्र भी तो दिखलाना तुम।
नई नवेली है मोरी उमरिया,
स्नेह को यूँ बरसाना तुम।
बिन देखे बेताब हो जाती,
चेहरा तो दिखलाना तुम।
साथ हो दिन रात तुम्हारा,
मुखरा पास बिछाना तुम।
कुछ न अच्छा लगता तुम बिन,
दिल को तो बहलाना तुम।
बेकरार ना हो ये बाली उमरिया,
बेचैनी दूर भगाना तुम।1।
सज सँवर के बाट जोहती,
मुस्काते हुए फिर आना तुम।
फिर प्रेम के बांहपाश मे,
हमको यूँ उलझाना तुम।
थोड़ा नटखट थोड़ा चटपट,
कुछ कुछ भी बन जाना तुम।
जैसे खनके मेरी कंगना,
वैसे शोर मचाना तुम।
छमक छमक ये पायल जो छमके,
पिछे पिछे फिर आजाना तुम।
मै बावली सी दिखती रहुँ,
और बावले से बनजाना तुम।
कभी चौखट कभी किवाड़े,
कही किधर छुप जाना तुम।
बेफिक्र हो जो रहुँ इधर जो,
जबरन फिर सताना तुम।2।
कभी आँचल मे साजन मोरे,
आकर के सोजाना तुम।
इन घनेरी बालों से फिर,
राग-लपेट बतियाना तुम।
इस लचकती मोरी कमरिया पे,
हाथ को यूँ झटकाना तुम।
एक तड़पन सी उठे हृदय मे,
कुछ ऐसा हाल बनाना तुम।
इन नथूने के नथिये को,
थोड़ा खिच उकसाना तुम।
दर्द उठे जो थोड़ी सी भी,
फिर नजर से पिड़ चुराना तुम।
कभी मचलना भँवरे सा,
और कभी बाग बन जाना तुम।
इस रूप की खिली कली से,
छेड़ छेड़ मुस्काना तुम।3।
संग का सुखरा संग का दुखरा,
साथ ही अब निपटाना तुम।
बात बात से ही मिटे प्यास,
कुछ ऐसे साथ बढ़ाना तुम।
जिद पे कभी आजाएँ तो,
गर्म आँख भी समझाना तुम।
पर रूठकर सँईया मोरे,
दूर नही कही जाना तुम।
कभी खेलना कभी खोना,
ऐसे पहेली बनजाना तुम।
बिना तुम्हारे ना कटे उमरिया,
दिल मे यूँ बसजाना तुम।
दिल-द्वार के पंछी मेरे,
हमको संग उड़ाना तुम।
कभी बहे ना निड़ नयण से,
ऐसे साथ निभाना तुम।
नई नवेली ये मोरी उमरिया,
हमपे प्रित लूटाना तुम।
सच कहती हूँ सँईया मोरे,
प्रित ही प्रित लूटाना तुम।
सिर्फ प्रित ही प्रित लूटाना तुम।।।💕💞
......✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️