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- Anil#🙏🌺ॐ रामदूताय नमः🌺🙏 🙏 जय श्री राम🙏 🙏🌺 जय हनुमानजी 🌺🙏 जय बालाजी महाराज #जय हनुमानजी 🙏🙏 #🌺🎋जय हनुमानजी 🌲🌷 #🌼🙏जय वीर हनुमानजी 💐शुभ मंगलवार 🌼श्री हनुमान चालीसा 🌼 #🌹⛳🌹⛳जय हनुमानजी शुभ मंगलवार🌹⛳🙏🙏2015
- karan jaiswal#जय हनुमानजी 🙏🙏 #🌺🎋जय हनुमानजी 🌲🌷 #🌼🙏जय वीर हनुमानजी 💐शुभ मंगलवार 🌼श्री हनुमान चालीसा 🌼4315
- Yadav Ji 🇮🇳🇮🇳2️⃣8️⃣7️⃣1️⃣🇮🇳🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹#😇मंगलवार भक्ति स्पेशल🌟 #🌼🙏जय वीर हनुमानजी 💐शुभ मंगलवार 🌼श्री हनुमान चालीसा 🌼 #🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🙏हनुमान चालीसा🏵8991
- Anshuman Pandey#🌞गुड मॉर्निंग☕🌞 #subh mangalwar #jai hanumanji #🌼🙏जय वीर हनुमानजी 💐शुभ मंगलवार 🌼श्री हनुमान चालीसा 🌼 #🚩 जय श्री रामजी🚩 🚩जय श्री हनुमानजी🚩2322
- sn vyas#हनुमानजी #🙏🏼 🌷श्री राम लक्ष्मण सीता हनुमानजी🌷🙏🏼 #🙏🌺ॐ रामदूताय नमः🌺🙏 🙏 जय श्री राम🙏 🙏🌺 जय हनुमानजी 🌺🙏 जय बालाजी महाराज #🌼🙏जय वीर हनुमानजी 💐शुभ मंगलवार 🌼श्री हनुमान चालीसा 🌼 हनुमानजी पूर्ण आत्मविश्वास से कहते हैं, न मे समा रावणकोट्योऽधमाः । रामस्य दासोऽहम् अपारविक्रमः ।। अर्थ : करोड़ों रावण भी पराक्रम में मेरी बराबरी नहीं कर कर सकते, इसलिए नहीं कि मैं बजरंगबली हूं, अपितु इसलिए कि प्रभु श्रीराम मेरे स्वामी हैं, मुझे उन्हीं से अपरंपार शक्ति प्राप्त होती है! स्वयं का श्रीराम जी का दास कहकर परिचय करवाने वाले हनुमान ! स्वयं एक उच्च देवता होते हुए भी अपना देवत्व न स्वीकार कर रामजी की भक्ति कर स्वयं को 'रामदास' कहलाने में श्रीहनुमानजी ने अपना गौरव अनुभव किया। जिस समय अशोकवाटिका से हनुमानजी को बंदी बनाकर राजदरबार में रावण के सामने खडा किया गया, उस समय राक्षसों ने उनसे पूछा '"तू कौन है? अपना परिचय बता।' प्रत्यक्ष में श्रीहनुमान 11वें रुद्र, सूर्यनारायण भगवान के शिष्य, वायुपुत्र, वानरराज केसरी के राजपुत्र, सुग्रीव के मंत्री और प्रभु श्रीराम के परम भक्त थे; परंतु उन्होंने स्वयं का इनमें से कोई भी परिचय नहीं बताया । उन्होंने क्या कहा ? कि, 'मैं त्रिलोकी पति प्रभु श्रीरामचद्र का दास और सेवक हुनमान हूं और रावण के पास श्रीराम का दूत बनकर आया हूँ। हनुमानजी की पूर्ण श्रद्धा थी कि स्वयं में जो भी सामर्थ्य है, अपना जो भी प्रभाव है, वह सब श्रीराम जी की कृपा का ही परिणाम है । वह श्रराम की कृपा ही है। हनुमान जी स्वयं को श्री राम प्रभु का सेवक समझते हं और आज भी अदृश्य स्वरूप में भी राम जी के दास ही हैं। अहंकार का मर्दन: हनुमान जी रावण की भरी सभा में उसके झूठे अहंकार को चुनौती देते हैं। वे स्पष्ट करते हैं कि रावण स्वयं को जितना भी शक्तिशाली समझ ले, वह श्री राम के एक साधारण से सेवक के सामने भी अत्यंत तुच्छ और बलहीन है। शक्ति का स्रोत: हनुमान जी यहाँ यह स्थापित करते हैं कि उनका यह "अपार विक्रम" (असीमित बल) उनका स्वयं का नहीं है, बल्कि यह श्री राम की भक्ति से उत्पन्न हुआ है। जब कोई जीव ईश्वर का 'दास' (सेवक) बन जाता है, तो ईश्वर की अनंत शक्ति उस जीव के भीतर प्रवाहित होने लगती है। सच्ची भक्ति में ही सबसे बड़ा बल छिपा होता है।अहंकार व्यक्ति को भीतर से कमजोर और खोखला बना देता है, भले ही उसके पास कितनी भी भौतिक शक्ति क्यों न हो। इसके विपरीत, समर्पण और सेवा भाव एक साधारण सेवक को भी इतना शक्तिशाली बना देता है कि वह अकेले ही करोड़ों अन्यायी शक्तियों को परास्त करने का सामर्थ्य रखता है। 🙏!!जय वीर हनुमान!!जय श्रीराम!!🚩2320
- Mk Creations#🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #jai veer Hanuman ji 🌹 भक्ति स्पेशल स्टेटस 🌹 जय श्री राम भक्ति jai shri ram bhakti #जय वीर बजरंगी 🙏🌹 # जय श्री हनुमान 💪🚩🙏 #shubh mangalwar 🌹 jai hanuman jai bajrangbali jai maruti nandan 🌹 whatsapp bhakti status #🌼🙏जय वीर हनुमानजी 💐शुभ मंगलवार 🌼श्री हनुमान चालीसा 🌼2945
- poonam.bhatt🚩 Aadesh Hanuman | Jai Bajrangbali Status 🙏 | Hanuman Bhakti Shorts ❤️ #hanuman #🌼🙏जय वीर हनुमानजी 💐शुभ मंगलवार 🌼श्री हनुमान चालीसा 🌼 #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स466744
- -❱ ⃟☞ͥ͟⋆ͣ͟⋆ͫ⃝🇦𝒃𝒉𝒂𝒚 𝑹𝒂𝒋𝒑𝒖𝒕🍁⃝🕊#🙏 जय हनुमान #🙏हनुमान चालीसा🏵 #🌼🙏जय वीर हनुमानजी 💐शुभ मंगलवार 🌼श्री हनुमान चालीसा 🌼948467