Dinesh Nishad
`✨दूसरों से तुलना क्यों छोड़ देनी चाहिए?"`
*🌸 || श्रीमद्भगवद्गीता || 🌸*
> 📘 अध्याय 3, श्लोक 35
_श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्।_
_स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः॥_
📝 *सरल अर्थ:* दूसरों के मार्ग को अच्छी तरह अपनाने से अपना कर्तव्य, भले ही उसमें कुछ कमी हो,
फिर भी श्रेष्ठ है।
अपने मार्ग पर चलना बेहतर है; दूसरे के मार्ग का अनुसरण करना भय और परेशानी का कारण बन सकता है।
🌸 *व्याख्या:* आज हम अक्सर अपनी जिंदगी की तुलना दूसरों की जिंदगी से करते हैं— किसी की नौकरी, पैसा, सफलता या जीवनशैली से।
लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि
हर व्यक्ति की परिस्थितियाँ और रास्ते अलग हैं।
*श्रीकृष्ण सिखाते हैं—*
दूसरों जैसा बनने की कोशिश करने के बजाय
अपने रास्ते पर बेहतर बनने की कोशिश करो।
> 🕊️ दूसरों की जिंदगी देखकर अपनी कीमत मत तय कीजिए,
> अपना रास्ता चुनिए और उस पर आगे बढ़िए।।
🌸 *जय श्री कृष्ण*🌸 #🛕मंदिर दर्शन🙏 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🌺हर हर🔱महादेव🌺🙏