M P SINGH
प्रातःकाल की शांत बेला में नंद भवन की सुंदर छत पर बाल श्रीकृष्ण खड़े हैं। पूर्व दिशा में उगता हुआ सूर्य आकाश को सुनहरी और केसरिया आभा से भर रहा है। कृष्ण शांत भाव से उस दिव्य सूर्योदय को निहारते हुए जागते हुए वृंदावन की सुंदरता को देख रहे हैं।
नीचे वृंदावन की गलियाँ धीरे-धीरे जीवंत हो रही हैं। घरों के आँगन फूलों से सजे हैं, गोप-गोपियाँ अपने दैनिक कार्यों के लिए निकल रहे हैं और गायें तथा बछड़े शांत भाव से गलियों में आगे बढ़ रहे हैं। चारों ओर हरे-भरे वृक्ष और फूलों की लताएँ सुबह की सुनहरी रोशनी में चमक रही हैं।
कृष्ण के घुँघराले बालों में मोरपंख और गले में पुष्पमाला सुशोभित है। उनके चेहरे पर नई सुबह को देखकर बालसुलभ प्रसन्नता और शांति दिखाई देती है। उड़ते हुए पक्षी और मंद हवा पूरे वातावरण को और भी मनमोहक बना रहे हैं।
यह दृश्य नंद भवन से दिखाई देने वाले जागते हुए वृंदावन और बालकृष्ण के शांत, सुंदर प्रभात-दर्शन का मनोहारी चित्र प्रस्तुत करता है। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️