Arjun Prasad
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#शिवजी_की_सत_साधना_करो श्रीमदेवीभागवत महापुटाण, स्कन्ध 9, अध्याय 33 लोक 44-45 में लिखा है कि जो भारतवर्ष में केशयुक्त मिट्टी से बने पार्थिव लिंग (शिवलिंग) की पूजा करता है, वह उस मृदा में विद्यमान रजकणों की संख्या के बराबर वर्षों तक केराकृन्द्र नामक सक में निवास करता है। ##santrampaljimaharaj
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