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दशलक्षण महापर्व दिन 4 उत्तम सोच #सुप्रभात शुभ दिन #दशलक्षण महापर्व #पर्युषण महापर्व #उत्तम सोच #📒 मेरी डायरी
सुप्रभात शुभ दिन - जिनेन्द्र जय जिनेन्द्र जय নিন 4 ~3নন মীষ लोभ रहित होना अर्थात् आन्तरिक एवं बाहा शुचिता लोभ सब पापों का जनक है | लोभवश मनुष्य अनेक अनुचित कार्य करता है फिर भी उसके लोभ का अन्त नहीं होता | लोभी व्यक्ति अपना सतत पतन करता रहता है। अतः लोभ से दूर ही रहना चाहिये | शुभ दिन आपका हर पल मंगलमय हो नरेंद्र जैन, इंदौर, मध्यप्रदेश जिनेन्द्र जय जिनेन्द्र जय নিন 4 ~3নন মীষ लोभ रहित होना अर्थात् आन्तरिक एवं बाहा शुचिता लोभ सब पापों का जनक है | लोभवश मनुष्य अनेक अनुचित कार्य करता है फिर भी उसके लोभ का अन्त नहीं होता | लोभी व्यक्ति अपना सतत पतन करता रहता है। अतः लोभ से दूर ही रहना चाहिये | शुभ दिन आपका हर पल मंगलमय हो नरेंद्र जैन, इंदौर, मध्यप्रदेश - ShareChat