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#हैप्पी पितृपक्ष #premi premika #🙂पितृपक्ष की मातृ नवमी आज #पितृपक्ष
हैप्पी पितृपक्ष - पितृपक्ष मे ब्रांह्मण भोज का आयोजन पितृपक्ष के समय मे पति घर में अपनी मां से ब्राह्मण भोजन आयोजन करवाने की चर्चा करता है कि तभी पत्नी सुन क लेती है और भड़क जाती हे कंहती है , सुनो जी इतने सारे को बुलाकर आप भोजन करवाएंगे सब की थाली ब्राह्मणों मुझे ही अकेले धोना पड़ेगा मम्मी जी तो कुछ करती नहीं है ऊपर से छोले की सब्जी बनेंगे तो आपके पैसे का छोले लिए तेल आपके पैसे काा होगा मैंतो होगा पुरी बनाने के कोई आयोजन मत करवाइए ,पति कहता हे थोड़े ಹ೯`೯ ಪ೯ಣಗೆ್ಾನ कहती मिल जाएगी पत्नी तुरंत को sf' हैं ,मैं बताई दे रही हूं पति के ऊपर बरस पड़ती है कहती एक भी थाली नहीं धोऊगी जो करना है करलो ,सिर्फ एक लिए आयोजन के पत्नी घर में हाहाकारूमचा देती है उसी हे तुम्हारे घर में हर पुरुष की विवाह पूर्व प्रेमिका कहती मां इतने साल ब्राह्मण भोज का आयोजन होता है तुम्हारी सारे लोगों की अकेले थाली थोती है उनके साथ थालिया को धोने में मदद कर देना मैं पास होती तो पूरे बर्तन में ही साफ कर लेती मेरे पापा ब्राह्मण भोज करवाते है पूरे वर्जन मैं अकेले धोती हूं मुझे तो संतो की जूठी थाली धोना बहुत पसंद है संतों की सेवा पुन्य का काम होता है | पितृपक्ष मे ब्रांह्मण भोज का आयोजन पितृपक्ष के समय मे पति घर में अपनी मां से ब्राह्मण भोजन आयोजन करवाने की चर्चा करता है कि तभी पत्नी सुन क लेती है और भड़क जाती हे कंहती है , सुनो जी इतने सारे को बुलाकर आप भोजन करवाएंगे सब की थाली ब्राह्मणों मुझे ही अकेले धोना पड़ेगा मम्मी जी तो कुछ करती नहीं है ऊपर से छोले की सब्जी बनेंगे तो आपके पैसे का छोले लिए तेल आपके पैसे काा होगा मैंतो होगा पुरी बनाने के कोई आयोजन मत करवाइए ,पति कहता हे थोड़े ಹ೯`೯ ಪ೯ಣಗೆ್ಾನ कहती मिल जाएगी पत्नी तुरंत को sf' हैं ,मैं बताई दे रही हूं पति के ऊपर बरस पड़ती है कहती एक भी थाली नहीं धोऊगी जो करना है करलो ,सिर्फ एक लिए आयोजन के पत्नी घर में हाहाकारूमचा देती है उसी हे तुम्हारे घर में हर पुरुष की विवाह पूर्व प्रेमिका कहती मां इतने साल ब्राह्मण भोज का आयोजन होता है तुम्हारी सारे लोगों की अकेले थाली थोती है उनके साथ थालिया को धोने में मदद कर देना मैं पास होती तो पूरे बर्तन में ही साफ कर लेती मेरे पापा ब्राह्मण भोज करवाते है पूरे वर्जन मैं अकेले धोती हूं मुझे तो संतो की जूठी थाली धोना बहुत पसंद है संतों की सेवा पुन्य का काम होता है | - ShareChat