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#sant Ram pal Ji Mah araj ##पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज #❤️जीवन की सीख ##kabir_is_god
sant Ram pal Ji Mah araj - संत रामपाल जी महाराज द्वारा गीता के रहस्यों का खुलासा गीता अध्याय 7 श्लोक २९ में (೯) ತ೯ कहा है कि जो साधक केवल जरा (वृद्धावस्था ) , मरण के लिए प्रयत्न करते हैं। वे तत् ब्रह्म को जानते हैं। 87 गीता अध्याय 8 श्लोक 1 में अर्जुन ने पूछ कि "तत् ब्रह्य " क्या है? अध्याय 8 श्लोक 3 में कहा कि वह परम अक्षर ब्रह्म है। उस परम अक्षर ब्रह्म की जानकारी के लिए पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा। पवित्र पुस्तक  निःशुल्क पायें  মসনা নাম संत रामपाल जी महाराज द्वारा गीता के रहस्यों का खुलासा गीता अध्याय 7 श्लोक २९ में (೯) ತ೯ कहा है कि जो साधक केवल जरा (वृद्धावस्था ) , मरण के लिए प्रयत्न करते हैं। वे तत् ब्रह्म को जानते हैं। 87 गीता अध्याय 8 श्लोक 1 में अर्जुन ने पूछ कि "तत् ब्रह्य " क्या है? अध्याय 8 श्लोक 3 में कहा कि वह परम अक्षर ब्रह्म है। उस परम अक्षर ब्रह्म की जानकारी के लिए पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा। पवित्र पुस्तक  निःशुल्क पायें  মসনা নাম - ShareChat