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#जिम्मेदारियां #responsibilities #जिम्मेदारियां 😊😊 #ज़िम्मेदारियां #जिम्मेदारियों का बोझ कुछ हम पर भी है
जिम्मेदारियां - नौकरी नहीं तो बेटा बोझ  शादी नहीं तो बेटी बाझ! में एक बेटी 'पापा की परी' और बेटा शुरुआत 'माँका राजा' होता है॰ फिर वक्त करवट लेता है, २५ की उम्र आते आते, बेटी   शादी के काबिल" और बेटा "कमाने लायक" बना दिया जाता है। लेकिन फिर, जब जिंदगी की रफ्तार थमने लगती है २८ की उम्र के बाद नज़रें सवाल करने लगती हैं अब तक शादी नहीं की॰ " कहाँ जॉब कर रहे हो? अब भी मम्मी - पापा के साथ? फिर बेटी 11411 हो या बेटा वो सिर्फ एक इंसान नहीं रह जाते, लिए जाते हैं॰ परिवार पर बल्कि बोझ' समझ भी॰ समाज पर भी। नौकरी नहीं तो बेटा बोझ  शादी नहीं तो बेटी बाझ! में एक बेटी 'पापा की परी' और बेटा शुरुआत 'माँका राजा' होता है॰ फिर वक्त करवट लेता है, २५ की उम्र आते आते, बेटी   शादी के काबिल" और बेटा "कमाने लायक" बना दिया जाता है। लेकिन फिर, जब जिंदगी की रफ्तार थमने लगती है २८ की उम्र के बाद नज़रें सवाल करने लगती हैं अब तक शादी नहीं की॰ " कहाँ जॉब कर रहे हो? अब भी मम्मी - पापा के साथ? फिर बेटी 11411 हो या बेटा वो सिर्फ एक इंसान नहीं रह जाते, लिए जाते हैं॰ परिवार पर बल्कि बोझ' समझ भी॰ समाज पर भी। - ShareChat