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#✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - उधार लिया पैसा मत खाओ विचार सागर जब कोई तुम्हे पैसा उधार देता है तब बदले में तुम एक कीमती चीज देकर आते हो। वो है भरोसा! ! विश्वास! ! ! जब गतुयम पैसे नहीं लौटाते तब उसका तो पैसा ही बहुत कीमती चीज खो दी है। 377 मगर भरोसे को खो दिया। अब तुम पर J कोई भरोसा नहीं करेगा | और 377 जिसका विश्वास तोडा वो अब किसी पर भरोसा नहीं करेगा | किसी की मदद नहीं करेगा | भरोसा तो एक आदमी तोड़ता है मगर उसकी कीमत पूरा समाज चुकाता है। लोग भरोसा करना ही छोड़ देते है। इसलिए किसी से उधार लिया पैसा मत खाओ। शास्त्रों में इससे बड़ा कोई पाप नहीं है। उधार लिया पैसा मत खाओ विचार सागर जब कोई तुम्हे पैसा उधार देता है तब बदले में तुम एक कीमती चीज देकर आते हो। वो है भरोसा! ! विश्वास! ! ! जब गतुयम पैसे नहीं लौटाते तब उसका तो पैसा ही बहुत कीमती चीज खो दी है। 377 मगर भरोसे को खो दिया। अब तुम पर J कोई भरोसा नहीं करेगा | और 377 जिसका विश्वास तोडा वो अब किसी पर भरोसा नहीं करेगा | किसी की मदद नहीं करेगा | भरोसा तो एक आदमी तोड़ता है मगर उसकी कीमत पूरा समाज चुकाता है। लोग भरोसा करना ही छोड़ देते है। इसलिए किसी से उधार लिया पैसा मत खाओ। शास्त्रों में इससे बड़ा कोई पाप नहीं है। - ShareChat