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#⚠️ସେପ୍ଟେମ୍ବର 18 ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଅପଡେଟ 📲 #📰ଆଜିର ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଅପଡେଟ💻 #🗞ଲାଟେଷ୍ଟ ଅପଡେଟ🎙 #ଖବର ଆଜିର #today's top headlines 🗞️ *🔰✳️मक्के पर अटकी अरबों की डील? कच्चा तेल तो था ही विलेन, भारत-अमेरिका के सौदे में नया मोड़* *भारत ने 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है, जो मूल लक्ष्य से पांच साल पहले है.* * भारत में गन्ना इथेनॉल का सबसे बड़ा स्रोत था. * *सूखे जैसी स्थिति के कारण, केंद्र ने दिसंबर 2023 में इथेनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था, और यह अगस्त 2024 तक लागू रहा.* * यह प्रतिबंध रसोई के प्रमुख खाद्य पदार्थ चीनी के उत्पादन और कीमतों को स्थिर रखने के लिए लगाया गया था. * सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर तेल आयात बिल कम करने और इस तरह विदेशी मुद्रा बचाने की योजना बना रही है. * *इथेनॉल बनाने के ल‍िए और बढ़ेगी मक्के की जरूरत, क‍िसानों की होगी बल्ले-बल्ले* * मक्का लगभग एक हजार उत्पादों के लिए कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होता है. * लेक‍िन जब से इसका इस्तेमाल इथेनॉल बनाने के ल‍िए होने लगा है तब से इसकी वैल्यू आसमान पर पहुंच गई है. * दुनिया में इसके उत्पादन का लगभग 80 प्रत‍िशत हिस्सा फीड, स्टार्च और जैव ईंधन उद्योगों में इस्तेमाल होता है. * भारत में दुन‍िया का स‍िर्फ 2 प्रत‍िशत ही मक्का पैदा होता है. * जबक‍ि यहां के कुल उत्पादन का करीब 47 फीसदी मक्‍का पोल्ट्री फीड में चला जाता है. * यहां इसका औद्योगिक इस्तेमाल बहुत कम होता रहा है, लेक‍िन अब वक्त बदल गया है. * इस साल इथेनॉल उत्पादन के ल‍िए लगभग 110 लाख टन मक्के की जरूरत पड़ सकती है. * ऐसे में क‍िसानों को इसकी अच्छी कीमत म‍िलेगी. * इसकी उपलब्धता बनी रहे इसके ल‍िए मक्के की खेती को बढ़ावा द‍िया जा रहा है. *अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने अमेरिकी मक्का का आयात न करने के लिए भारत पर हमला बोला है. भारत 2023 तक मक्का का निर्यातक था, लेकिन ईंधन मिश्रण के लिए इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए मक्का के इस्तेमाल ने उसे आयातक बना दिया.* ■ ट्रंप के मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने अमेरिकी मक्का आयात करने की 'अनिच्छा' को लेकर भारत पर निशाना साधा. लेकिन भारत, अमेरिका से मक्का क्यों खरीदेगा, जबकि वह टॉप 10 प्रोड्यूसर्स में से एक है और हाल तक निर्यातक भी था? हालांकि यह सवाल जायज़ है. ■ लेकिन भारत के इथेनॉल मिश्रण ने एक साधारण समीकरण को जटिल बना दिया है. इसमें वॉशिंगटन की ज्यादा मक्का बेचने की बेचैनी भी शामिल है, जबकि चीन अपने अनाज का इस्तेमाल करने से कतरा रहा है. ■ मक्का अमेरिका के शीर्ष कृषि निर्यातों में से एक है. अमेरिका सबसे बड़ा मक्का उत्पादक है, जो वैश्विक उत्पादन का करीब 30-32% हिस्सा है. ■ भारत, जो सालाना करीब 42 मिलियन टन मक्का का उत्पादन करता है. वैश्विक उत्पादन का तीन फीसदी अतिरिक्त मक्का निर्यात करता रहा है. 2022-23 में, भारत ने मक्का निर्यात से 10,107 मिलियन डॉलर कमाए थे. ■ हालांकि लुटनिक अपने प्रस्ताव में गंभीर रहे हैं, लेकिन लोगों ने इस विडंबना को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया है. एक आत्मनिर्भर देश को आयात करने के लिए कहना क्योंकि आपके पास सपप्लस है और आपको नहीं पता कि उपज कहां फेंकनी है. यह कुछ और नहीं बल्कि नव-औपनिवेशिक (Neo-colonial) बर्ताव का प्रदर्शन है. ■ भारत को मक्का का आयात करना पड़ा क्योंकि उसने ईंधन में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ा दिया था, जबकि 2023 में महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई थी. पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को 20% (E20) तक ले जाने की होड़ की वजह से मक्का को पोल्ट्री और स्टार्च उद्योगों जैसे पारंपरिक बड़े उपभोक्ताओं से बड़े पैमाने पर डिस्टिलरी में ट्रांसफर कर दिया गया. *पिछले साल भारत ने इथेनॉल उत्पादन के लिए 10 मिलियन टन मक्का का इस्तेमाल किया, जो अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है. भारत में गन्ना इथेनॉल का सबसे बड़ा स्रोत था. सूखे जैसी स्थिति के कारण, केंद्र ने दिसंबर 2023 में इथेनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था, और यह अगस्त 2024 तक लागू रहा. यह प्रतिबंध रसोई के प्रमुख खाद्य पदार्थ चीनी के उत्पादन और कीमतों को स्थिर रखने के लिए लगाया गया था.*
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