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#✍🏻📖 शायरी Ki डायरी📖✍🏻 #sachi bate
✍🏻📖 शायरी Ki डायरी📖✍🏻 - वेदृदृयp tinz:| सब के होते भी , क भ्ीए कभी कितने अकेले रह जाते हैं हम, को मन में है 567 कितना कुछ॰ फिर भी इतने खामोश रह जाते हैं 87, भर जाती हैं जब जब आँखें तो हैं हम, अपनी नजरें चुराते दिल में अपना दर्द cr 55{## हैं हम।। अक्सर ही वेदृदृयp tinz:| सब के होते भी , क भ्ीए कभी कितने अकेले रह जाते हैं हम, को मन में है 567 कितना कुछ॰ फिर भी इतने खामोश रह जाते हैं 87, भर जाती हैं जब जब आँखें तो हैं हम, अपनी नजरें चुराते दिल में अपना दर्द cr 55{## हैं हम।। अक्सर ही - ShareChat