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#अद्भुत आश्चर्य जनक🤔
अद्भुत आश्चर्य जनक🤔 - जब ' मृत' बेटा अचानक घर पहुंचा तो खूशियों में बदला मातम परिजनों ने किसी अन्य के शव का कर दिया था अंतिम संस्कार पुरुषोत्तम के रूप में की है। उन्होंने ब्यूरो। सूरजपुर। जिले के एक गांव में २५ वर्षीय  लोगों ने शव की पहचान नवभारत बताया कि पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया  महज एक सप्ताह के भीतर शोक, सदमे पुरुषोत्तम  युवक  और शव परिवार को सौंप दिया। बाद में परिवार ने रीति ব্ধী সূন সানন্ধয और का विषय बन गया। पुरुषोत्तम खुशी उसका अंतिम संस्कार कर चुके गमगीन परिजनों के चेहरे  रिवाज से शव को गांव के श्मशान घाट में दफना दिया। अधिकारी ने बताया कि बाद में पुरुषोत्तम की ` मौत' की से खिल उठे जब उन्होंने घर लौटे अपने लाल खुशी নন ( पुरुषोत्तम ) को जिंदा देखा। दरअसल परिजनों ने अपना  रिश्तेदारों ने दुखी परिवार को खबर सुनकर गांव पहुंचे अंबिकापुर में देखा गया है। एएसपी ने बताया " लापता बेटा समझकर एक दूसरे व्यक्ति के शव का अंतिम बताया कि उसे पुरुषोत्तम की खोज शुरू की गई तब वह एक संस्कार कर दिया था। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार  कि जब रिश्तेदार के घर में मिला और चार नवंबर को उसे घर वापस को बताया कि पुलिस अब उस व्यक्ति के परिजनों की तलाश शुरू कर दी है जिसका अंतिम संस्कार किया गया लाया गया। महतो ने बताया कि जिस व्यक्ति के शव को गलती से पुरुषोत्तम समझा गया था, उसकी पहचान नहीं हो था। सूरजपुर   जिले के   अतिरिक्त पुलिस   अधीक्षक पाई है। शव के डीएनए सैंपल, फिंगरप्रिंट , कपड़े और अन्य (एएसपी ) संतोष   महतो   ने एक   नवंबर कि बताया रखे गए हैं तथा उसकी फोटोग्राफी और ( शनिवार ) को सिटी कोतवाली पुलिस थाना के अंतर्गत सुरक्षित মাসান मानपुर इलाके के एक कुएं से एक अनजान व्यक्ति की लाश  वीडियोग्राफी को गई है॰ जो आगे को जांच में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि॰ मिली थी, जिसके बाद पहचान के लिए आसन्पास के इलाकों में सूचना दी गई। पड़ोसी गांव चंदरपुर के रहने वाले अनजान व्यक्ति की मौत डूबने से हुई थी। पुरुषोत्तम की मां पुरुषोत्तम ( २५ ) के परिवार ने शव मिलने की खबर सुनकर  मानकुंवर ने कहा, ` मुझे शव की एक फोटो दिखाई गई थी নী নিনা ম লাপনা  और गांव के लोगों ने कहा था कि वह मेरे बेटे का शव था। पुलिस से संपर्क किया, क्योंकि पुरुषोत्तम अधिकारी ने बताया कि शव देखने के बाद परिवार के मैं खुश हूं कि मेरा बेटा जिंदा है। था। जब ' मृत' बेटा अचानक घर पहुंचा तो खूशियों में बदला मातम परिजनों ने किसी अन्य के शव का कर दिया था अंतिम संस्कार पुरुषोत्तम के रूप में की है। उन्होंने ब्यूरो। सूरजपुर। जिले के एक गांव में २५ वर्षीय  लोगों ने शव की पहचान नवभारत बताया कि पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया  महज एक सप्ताह के भीतर शोक, सदमे पुरुषोत्तम  युवक  और शव परिवार को सौंप दिया। बाद में परिवार ने रीति ব্ধী সূন সানন্ধয और का विषय बन गया। पुरुषोत्तम खुशी उसका अंतिम संस्कार कर चुके गमगीन परिजनों के चेहरे  रिवाज से शव को गांव के श्मशान घाट में दफना दिया। अधिकारी ने बताया कि बाद में पुरुषोत्तम की ` मौत' की से खिल उठे जब उन्होंने घर लौटे अपने लाल खुशी নন ( पुरुषोत्तम ) को जिंदा देखा। दरअसल परिजनों ने अपना  रिश्तेदारों ने दुखी परिवार को खबर सुनकर गांव पहुंचे अंबिकापुर में देखा गया है। एएसपी ने बताया " लापता बेटा समझकर एक दूसरे व्यक्ति के शव का अंतिम बताया कि उसे पुरुषोत्तम की खोज शुरू की गई तब वह एक संस्कार कर दिया था। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार  कि जब रिश्तेदार के घर में मिला और चार नवंबर को उसे घर वापस को बताया कि पुलिस अब उस व्यक्ति के परिजनों की तलाश शुरू कर दी है जिसका अंतिम संस्कार किया गया लाया गया। महतो ने बताया कि जिस व्यक्ति के शव को गलती से पुरुषोत्तम समझा गया था, उसकी पहचान नहीं हो था। सूरजपुर   जिले के   अतिरिक्त पुलिस   अधीक्षक पाई है। शव के डीएनए सैंपल, फिंगरप्रिंट , कपड़े और अन्य (एएसपी ) संतोष   महतो   ने एक   नवंबर कि बताया रखे गए हैं तथा उसकी फोटोग्राफी और ( शनिवार ) को सिटी कोतवाली पुलिस थाना के अंतर्गत सुरक्षित মাসান मानपुर इलाके के एक कुएं से एक अनजान व्यक्ति की लाश  वीडियोग्राफी को गई है॰ जो आगे को जांच में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि॰ मिली थी, जिसके बाद पहचान के लिए आसन्पास के इलाकों में सूचना दी गई। पड़ोसी गांव चंदरपुर के रहने वाले अनजान व्यक्ति की मौत डूबने से हुई थी। पुरुषोत्तम की मां पुरुषोत्तम ( २५ ) के परिवार ने शव मिलने की खबर सुनकर  मानकुंवर ने कहा, ` मुझे शव की एक फोटो दिखाई गई थी নী নিনা ম লাপনা  और गांव के लोगों ने कहा था कि वह मेरे बेटे का शव था। पुलिस से संपर्क किया, क्योंकि पुरुषोत्तम अधिकारी ने बताया कि शव देखने के बाद परिवार के मैं खुश हूं कि मेरा बेटा जिंदा है। था। - ShareChat