ShareChat
click to see wallet page
search
#मेरी कविता * मेरी कविता
मेरी कविता - जय भव्य अयोध्या धाम की (इंद्रजीत पाली) जय बोलो सिया राम की॰ जय भव्य अयोध्या धाम की। जय बोलो, जिय बोलो, सब जय बोलो सिया राम की।। दिव्य अयोध्या की धरती पर, मंदिर का निर्माण हुआ।  जन जन की अभिलाषा पूरी, त्रेता युग सा भान हुआ।। जिन भक्तों ने बलिदान दिया, जय उनके भी सम्मान की। जय बोलो सिया राम की॰ जय भव्य अयोध्या धाम की।। जय बोलो, जय बोलो, सब जय बोलो सिया राम की। অম নীলী মিমা যাস ক্ী वीणा जहां सुशोभित, वो लतामंगेशकर चौक कहाया।  राम का पथ और धर्म का पथ, इन सबको भव्य बनाया।। पाप हरे जो मां सरयू , जय उसके भी वरदान की। जय बोलो सिया राम की॰ जय भव्य अयोध्या धाम की।। जय बोलो, जिय बोलो, सब जय बोलो सिया राम की। बोलो सिया राम की जय दीवाली सा समारोह और घर घर दीप जलाओ। बाल रुप में राम विराजें , मंगल आरती गाओ।। हनुमंत बलवान की, जय बोलो केशरी लाल की।  जय जय बोलो सिया राम की॰ जिय भव्य अयोध्या धाम की।। जय बोलो, जिय बोलो, सब जय बोलो सिया राम की। जय बोलो सिया राम की॰ पौड़़ी घाट पर स्नान करें और पुण्य लाभ कमाएं। परिक्रमा हनुमान गढी की, चित्त को शांत बनाएं।। जाकर शीश नवा, अब ऐसे पावन धाम की। পালী जय बोलो सिया राम की॰ जिय भव्य अयोध्या धाम की।। बोलो, जिय बोलो, सब जय बोलो सिया राम की। जय जय बोलो सिया राम की॰ जय भव्य अयोध्या धाम की (इंद्रजीत पाली) जय बोलो सिया राम की॰ जय भव्य अयोध्या धाम की। जय बोलो, जिय बोलो, सब जय बोलो सिया राम की।। दिव्य अयोध्या की धरती पर, मंदिर का निर्माण हुआ।  जन जन की अभिलाषा पूरी, त्रेता युग सा भान हुआ।। जिन भक्तों ने बलिदान दिया, जय उनके भी सम्मान की। जय बोलो सिया राम की॰ जय भव्य अयोध्या धाम की।। जय बोलो, जय बोलो, सब जय बोलो सिया राम की। অম নীলী মিমা যাস ক্ী वीणा जहां सुशोभित, वो लतामंगेशकर चौक कहाया।  राम का पथ और धर्म का पथ, इन सबको भव्य बनाया।। पाप हरे जो मां सरयू , जय उसके भी वरदान की। जय बोलो सिया राम की॰ जय भव्य अयोध्या धाम की।। जय बोलो, जिय बोलो, सब जय बोलो सिया राम की। बोलो सिया राम की जय दीवाली सा समारोह और घर घर दीप जलाओ। बाल रुप में राम विराजें , मंगल आरती गाओ।। हनुमंत बलवान की, जय बोलो केशरी लाल की।  जय जय बोलो सिया राम की॰ जिय भव्य अयोध्या धाम की।। जय बोलो, जिय बोलो, सब जय बोलो सिया राम की। जय बोलो सिया राम की॰ पौड़़ी घाट पर स्नान करें और पुण्य लाभ कमाएं। परिक्रमा हनुमान गढी की, चित्त को शांत बनाएं।। जाकर शीश नवा, अब ऐसे पावन धाम की। পালী जय बोलो सिया राम की॰ जिय भव्य अयोध्या धाम की।। बोलो, जिय बोलो, सब जय बोलो सिया राम की। जय जय बोलो सिया राम की॰ - ShareChat