
४.९ लाख व्ह्यू · १.४ लाख प्रतिक्रिया | जिस गाइडलाइन को चुनाव आयोग तीन महीने से दबाकर बैठा था — वह आज सामने है। यानी 2003 में बिहार में हुए “इंटेंसिव रिवीजन” की आधिकारिक गाइडलाइन, जो चुनाव आयोग के एक-एक दावे का खंडन करती हैं । साफ़ है — चुनाव आयोग का यह दावा कि SIR के ज़रिए 2003 की प्रक्रिया दोहराई जा रही है, पूरी तरह झूठ है। #BiharSIR #SIR #voterlist | Yogendra Yadav

