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#श्रीमद भगवद गीता उपदेश 🙏🙏 #भगवद गीता सार #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏कर्म क्या है❓
श्रीमद भगवद गीता उपदेश 🙏🙏 - पश्यादित्यान्वसन्रद्रानश्विनौ मरुतस्तथा| बहून्यदृष्टपूर्वाणि पश्याश्चर्याणि भारत। भरतवंशी अजुन! ते मुझमे आदित्यों को अर्थत अदिति के द्वादशपुत्रों को ऑठ वसुओं को एकादश रुद्रों को, दोनो अश्विनीकुँॅमारो को ओर उनचास मरुद्गणों का देख तथा ओर भी बहत से पहले न देखे हए आश्चर्यमय रूपों कोदेख للگل व्याख्याः इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुून से कह रहे हैं कि हे भारत! तुम मेरे विराट रूपॅ कोदेखो। इस रूप मे तुम सूर्य चंद्रमा , अग्नि वायु , और अन्य देवताओं के साथॅ साथ ऋषियो मुनियो, औररुद्रोकोभीदेख सकत हा यहर्विराट अद्रुृत और विस्मयकारीहै कि इन्हे पूर्वमेकिसी ने 5 रूप নবী নভ  दिव्य के दर्शन करवा यहाहभगबस्नम कृष्हा न सुन्टि क चनकत्नद्त्व रूओ रदेदशनअकका भगवान कृष्ण अर्जुन को उनक रूप समेटा हुआह। यह दृश्ये अजुन के लिएपू्री तरह सनया और चकितॅ किरने चाला है। श्रीकृष्ण नेजो विराट रूप दिखाया है उस्मे सभीदेवताओ और शक्तियोकी एकता और उनका महत्त्व स्पष्ट रूप से दिखाया गया है। यह श्लोक इस बात की पुष्टि करता हैकि भगवान का स्वरूप अत्यंत विशाल और अप्रत्याशित है जिसे किसी भी साधारण दृष्टि से नहीं देखा जासकता| पश्यादित्यान्वसन्रद्रानश्विनौ मरुतस्तथा| बहून्यदृष्टपूर्वाणि पश्याश्चर्याणि भारत। भरतवंशी अजुन! ते मुझमे आदित्यों को अर्थत अदिति के द्वादशपुत्रों को ऑठ वसुओं को एकादश रुद्रों को, दोनो अश्विनीकुँॅमारो को ओर उनचास मरुद्गणों का देख तथा ओर भी बहत से पहले न देखे हए आश्चर्यमय रूपों कोदेख للگل व्याख्याः इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुून से कह रहे हैं कि हे भारत! तुम मेरे विराट रूपॅ कोदेखो। इस रूप मे तुम सूर्य चंद्रमा , अग्नि वायु , और अन्य देवताओं के साथॅ साथ ऋषियो मुनियो, औररुद्रोकोभीदेख सकत हा यहर्विराट अद्रुृत और विस्मयकारीहै कि इन्हे पूर्वमेकिसी ने 5 रूप নবী নভ  दिव्य के दर्शन करवा यहाहभगबस्नम कृष्हा न सुन्टि क चनकत्नद्त्व रूओ रदेदशनअकका भगवान कृष्ण अर्जुन को उनक रूप समेटा हुआह। यह दृश्ये अजुन के लिएपू्री तरह सनया और चकितॅ किरने चाला है। श्रीकृष्ण नेजो विराट रूप दिखाया है उस्मे सभीदेवताओ और शक्तियोकी एकता और उनका महत्त्व स्पष्ट रूप से दिखाया गया है। यह श्लोक इस बात की पुष्टि करता हैकि भगवान का स्वरूप अत्यंत विशाल और अप्रत्याशित है जिसे किसी भी साधारण दृष्टि से नहीं देखा जासकता| - ShareChat