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kaisa yah sanjog.. #kavita #कविता #📚कविता-कहानी संग्रह
kavita - ११३. कैसा यह संजोग सबको है चिंता सताती| क्या कहेंगे लोग। कोई कुछ बोला नहीं  কমা यह संजोग। पूजा के बाद मंदिर में বনানা থা মাণ] कोई कुछ लाया नहीं कैसा यह संजोग। कवि शादी में देख ठाठ बाट। जलने लगे वो लोग। सुमित जिनको मिलती नहीं স্রহীী कैसा यह संजोग। मानधना बेटे के पैदा होने पर ख़ुशियाँ मनाते लोग। बेटी के वक्त भूल गए 'गौर' कैसा यह संजोग। সাঁ-নরাণ ন মীবা মাথ স मिलकर रहे हम लोग। बेटे बहू  अलग हा गये কমা यह संजोग। रत दान धर्म करने पर भी सेल्फी लेने लगे लोग। তুতযান नेकी में स्वार्थ दिख रहा कैसा यह संजोग। 878 467 44f%<, मरहम लगाते लोग। देने में कष्ट आता मजा  কমা यह संजोग। ईर्ष्या और द्वेष ही तो है, सबसे बडा रोग। ख़ुशी नहीं देखी जाती  कैसा यह संजोग। सुमित मानधना ' गौरव' , Ra ११३. कैसा यह संजोग सबको है चिंता सताती| क्या कहेंगे लोग। कोई कुछ बोला नहीं  কমা यह संजोग। पूजा के बाद मंदिर में বনানা থা মাণ] कोई कुछ लाया नहीं कैसा यह संजोग। कवि शादी में देख ठाठ बाट। जलने लगे वो लोग। सुमित जिनको मिलती नहीं স্রহীী कैसा यह संजोग। मानधना बेटे के पैदा होने पर ख़ुशियाँ मनाते लोग। बेटी के वक्त भूल गए 'गौर' कैसा यह संजोग। সাঁ-নরাণ ন মীবা মাথ স मिलकर रहे हम लोग। बेटे बहू  अलग हा गये কমা यह संजोग। रत दान धर्म करने पर भी सेल्फी लेने लगे लोग। তুতযান नेकी में स्वार्थ दिख रहा कैसा यह संजोग। 878 467 44f%<, मरहम लगाते लोग। देने में कष्ट आता मजा  কমা यह संजोग। ईर्ष्या और द्वेष ही तो है, सबसे बडा रोग। ख़ुशी नहीं देखी जाती  कैसा यह संजोग। सुमित मानधना ' गौरव' , Ra - ShareChat