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#मुंशी प्रेमचंद सुविचार
मुंशी प्रेमचंद सुविचार - माँ में केवल वात्सल्य है। बहन में क्या है, नहीं कह सकती , पर वह वात्सल्य से कोमल अवश्य है।माँ अपराध का दंड भी देती है। बहन क्षमा का रूप है। भाई न्याय करे, अन्याय करे, डांटे या प्यार करे , मान करे अपमान करे, बहन के पास क्षमा के सिवा और कुछ नहीं है। केवल उसके स्नेह की भूखी है। ಫ೯ प्रेमचंद माँ में केवल वात्सल्य है। बहन में क्या है, नहीं कह सकती , पर वह वात्सल्य से कोमल अवश्य है।माँ अपराध का दंड भी देती है। बहन क्षमा का रूप है। भाई न्याय करे, अन्याय करे, डांटे या प्यार करे , मान करे अपमान करे, बहन के पास क्षमा के सिवा और कुछ नहीं है। केवल उसके स्नेह की भूखी है। ಫ೯ प्रेमचंद - ShareChat