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#अनमोल रिश्ते
अनमोल रिश्ते - एक बात बोलूँ कभी कभी हमारे जिंदगी में कुछ पल ऐसा भी आता हैं कि सामने वाले के व्यवहार हमें इस कदर परेशान कर देता है कि हम यह सोचने लग जातें है कि ೫೯ रिश्ता तो हम दोनों का है ना, तो निभाने की जिम्मेदारी सिर्फ हमारी क्यों? हम ही क्यूँ इस रिश्ते को लेकर चिंतित ২৪ ওমী নী নী হমব্ধা ख्याल रखना चाहिए, अगर उसे डर नहीं है रिश्ते के खत्म हो जाने का, तो मैं अकेले कब तक प्रयास करूं बचाने का? उसके तरफ से भी तो वह चाहत और कोशिश होनी चाहिए। तरह ऐसा महसूस और इसी होता हैं कि जिस दिन हमने संबंध बनाए रखने की कोशिश करना छोड़ दिया तो 3 रिश्ता मानो खत्म ही हो जाएगा और कोई इन्सान को इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा, और नहीं किसी तरह का कोई गम होगा एक बात बोलूँ कभी कभी हमारे जिंदगी में कुछ पल ऐसा भी आता हैं कि सामने वाले के व्यवहार हमें इस कदर परेशान कर देता है कि हम यह सोचने लग जातें है कि ೫೯ रिश्ता तो हम दोनों का है ना, तो निभाने की जिम्मेदारी सिर्फ हमारी क्यों? हम ही क्यूँ इस रिश्ते को लेकर चिंतित ২৪ ওমী নী নী হমব্ধা ख्याल रखना चाहिए, अगर उसे डर नहीं है रिश्ते के खत्म हो जाने का, तो मैं अकेले कब तक प्रयास करूं बचाने का? उसके तरफ से भी तो वह चाहत और कोशिश होनी चाहिए। तरह ऐसा महसूस और इसी होता हैं कि जिस दिन हमने संबंध बनाए रखने की कोशिश करना छोड़ दिया तो 3 रिश्ता मानो खत्म ही हो जाएगा और कोई इन्सान को इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा, और नहीं किसी तरह का कोई गम होगा - ShareChat