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#मोटापा करे दूर 🥳🥳🥳 #😩🧘🧘#मोटापा बीमारियों की जड़#😩 #मोटापा कम करे असानी से नो🍔डाइट नो🏋🏾‍♂️ एक्सरसाइज👈 #मोटापा घटायें या वजन बढायें अच्छी सेहत पायें।
मोटापा करे दूर 🥳🥳🥳 - चिंताजनक डब्ल्यूएचओ ने मोटापे को बार-बार लौटने वाली बीमारी माना , इलाज सुझाए मोटापे को माना गया वैश्विक दिशा निर्देश जारी चुनौती , डब्ल्यूएचओ ने जीएलपी वन थेरेपी को दी मान्यता  नई दिल्ली। दुनिया भर में तेजी से दवाओं तक समान पहुंच बढ़ रहा मोटापा अब मानव स्वास्थ्य सबसे बड़ी चुनौती के लिए सबसे गंभीर खतरों में शामिल सितंबर में डब्ल्यूएचओ ने होे चुका है। साल २०२४ में मोटापे से जीएलपी-्वन थेरेपी को उच्च जीएलपीन्वन थेरेपी अभी भी महंगी है जोखिम वाले टाइपन्टू और कई देशों में उपलब्ध नर्हीं ( जुड़ी वजहों से लगभग  ३७ IG डायबिटीज रोगियों के लिए चेतावनी दी गई है कि यदि नीति नहीं लोगों की मौत हुई और विश्व स्तर पर आवश्यक दवाओं की सूची  बनी तो इस उपचार तक केवल अमीर एक अरब से अधिक लोग मोटापे के স হাসিল ক্িমা থা | ওান आबादी कोी पहुंच हो जाएगी| अनुमान  शिकार हैं। के अनुसार तेजी से उत्पादन बढ़ने के डब्ल्यूएचओ ने मोटापे के अनुमान है कि यदि तत्काल कदम बाद भी २०३० तक ये दवाएं उन इलाज में उपयोग को इनके नहीं उठाए गए तो साल २०३० तक लोगों में से केवल १०% तक पहुंच भी मानक चिकित्सा मार्गदर्शन में शामिल किया है। डब्ल्यूएचओ के मोटापे के मामलों में दोगुनी बढ़ोतरी इनकी जरूरत है जिन्हे  पाएंगी महानिदेशक डॉ॰ टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने कहा कि मोटापा एक आजीवन हो सकती है। इसी पृष्ठभूमि में विश्व बीमारी है और इसकी व्यापक , लगातार व समान देखभाल की जरूरत है। डब्ल्यूएचओ ने वैश्विक समुदाय  स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यूएचओ ) ने से आग्रह किया है कि दवा निर्माण  है, जिसे मोटापे से लडाई में वैश्विक है। द लैंसेट में प्रकाशित अध्ययन पहली बार मोटापे को वैश्विक चुनौती  क्षमता बढ़ाई जाए कोमतें कम की जाएं और सामूहिक खरीद मॉडल मानते हुए  इसके লাল   ক   লিব स्तर पर एक ऐतिहासिक कदम माना ক অনুমাং 1990 ম 2022 ৯ अपनाया जाए ताकि इलाज अधिक जा रहा है। डब्ल्यूएचओ ने मोटापे बीच बच्चों और किशोरों में मोटापे की पेप्टाइड -वन ग्लूकागन - लाइक लोगों तक पहुंच सके और स्वास्थ्य  जीएलपीन्वन ) दवाओं के उपयोग  को चिरकालिक व बार-बार लौटने दर चार गुना और वयस्कों में दोगुनी असमानता न बढ| पर आधिकारिक मार्गदर्शिका जारी की वाली बीमारी के रूप में मान्यता दी से अधिक बढ़ी। चिंताजनक डब्ल्यूएचओ ने मोटापे को बार-बार लौटने वाली बीमारी माना , इलाज सुझाए मोटापे को माना गया वैश्विक दिशा निर्देश जारी चुनौती , डब्ल्यूएचओ ने जीएलपी वन थेरेपी को दी मान्यता  नई दिल्ली। दुनिया भर में तेजी से दवाओं तक समान पहुंच बढ़ रहा मोटापा अब मानव स्वास्थ्य सबसे बड़ी चुनौती के लिए सबसे गंभीर खतरों में शामिल सितंबर में डब्ल्यूएचओ ने होे चुका है। साल २०२४ में मोटापे से जीएलपी-्वन थेरेपी को उच्च जीएलपीन्वन थेरेपी अभी भी महंगी है जोखिम वाले टाइपन्टू और कई देशों में उपलब्ध नर्हीं ( जुड़ी वजहों से लगभग  ३७ IG डायबिटीज रोगियों के लिए चेतावनी दी गई है कि यदि नीति नहीं लोगों की मौत हुई और विश्व स्तर पर आवश्यक दवाओं की सूची  बनी तो इस उपचार तक केवल अमीर एक अरब से अधिक लोग मोटापे के স হাসিল ক্িমা থা | ওান आबादी कोी पहुंच हो जाएगी| अनुमान  शिकार हैं। के अनुसार तेजी से उत्पादन बढ़ने के डब्ल्यूएचओ ने मोटापे के अनुमान है कि यदि तत्काल कदम बाद भी २०३० तक ये दवाएं उन इलाज में उपयोग को इनके नहीं उठाए गए तो साल २०३० तक लोगों में से केवल १०% तक पहुंच भी मानक चिकित्सा मार्गदर्शन में शामिल किया है। डब्ल्यूएचओ के मोटापे के मामलों में दोगुनी बढ़ोतरी इनकी जरूरत है जिन्हे  पाएंगी महानिदेशक डॉ॰ टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने कहा कि मोटापा एक आजीवन हो सकती है। इसी पृष्ठभूमि में विश्व बीमारी है और इसकी व्यापक , लगातार व समान देखभाल की जरूरत है। डब्ल्यूएचओ ने वैश्विक समुदाय  स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यूएचओ ) ने से आग्रह किया है कि दवा निर्माण  है, जिसे मोटापे से लडाई में वैश्विक है। द लैंसेट में प्रकाशित अध्ययन पहली बार मोटापे को वैश्विक चुनौती  क्षमता बढ़ाई जाए कोमतें कम की जाएं और सामूहिक खरीद मॉडल मानते हुए  इसके লাল   ক   লিব स्तर पर एक ऐतिहासिक कदम माना ক অনুমাং 1990 ম 2022 ৯ अपनाया जाए ताकि इलाज अधिक जा रहा है। डब्ल्यूएचओ ने मोटापे बीच बच्चों और किशोरों में मोटापे की पेप्टाइड -वन ग्लूकागन - लाइक लोगों तक पहुंच सके और स्वास्थ्य  जीएलपीन्वन ) दवाओं के उपयोग  को चिरकालिक व बार-बार लौटने दर चार गुना और वयस्कों में दोगुनी असमानता न बढ| पर आधिकारिक मार्गदर्शिका जारी की वाली बीमारी के रूप में मान्यता दी से अधिक बढ़ी। - ShareChat