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जय माता दी — तीन शब्दों में माँ की विजय और आश्‍वासन; जो बोलते ही मन में भरोसा और शरीर में एक सुकून-सा उतर आता है, क्योंकि पारंपरिक रूप में यह जयकारा विभिन्न देवी रूपों के प्रति श्रद्धा जताने का सामान्य तरीका है। यह वाक्यांश पंजाबी बोलचाल में भी मिलता है (Hindi “Jai Mata Di” = “Victory to the Mother Goddess”) और कुछ फिल्मों/भजन परंपराओं में भी जगह बना चुका है, इसलिए यह सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि संस्कार और सांस्कृतिक पहचान भी है। विज्ञान की नजर से देखें तो बार-बार मंत्र/जयकारा बोलने से सांस-लय और ध्वनि कंपन के कारण वेगस नर्व और पैरासिंपैथेटिक सिस्टम सक्रिय होते हैं — जिसका सीधा असर हार्ट-रेट वेरिएबिलिटी और तनाव-घटाने पर पाया गया है; यानी भक्ति के साथ-साथ शारीरिक शांति और मनोवैज्ञानिक लाभ भी जुड़ते हैं। इसलिए जब अगली बार दिल भारी हो या कदम मुश्किल लगें, एक गहरी सांस लेकर यह तीन शब्द कहकर देखें — "माँ की जय, मन को हिम्मत, कदमों को दिशा" — क्योंकि ऐतिहासिक, भाषाई और वैज्ञानिक कारणों से यह साधारण उद्घोष अक्सर गहरा असर देता है। #जयमातादी #MaaKiJai #FaithAndScience 🙏🌺✨ #✈Last travel memories😎 #जय भैरव नाथ जय माँ आशापूरा कि जय हो #viral #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ #🤗जया किशोरी जी🕉️
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