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#Life of Muhammad ﷺ #*let us understand our religion #सोचने वाली बात #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #Islam and We
Life of Muhammad ﷺ - हदीस से प्रमाण १. अतिवाद से बचाव रसूलुल्लाह १७६ ने फ़रमायाः "हद से बढ़ने वाले बर्बाद हो गए (इसे तीन बार दोहराया) ।" सहीह मुस्लिम, हदीस २६७० २. इबादत में संतुलन रसूलुल्लाह १७६ ने फ़रमायाः "अमल सच्चाई से और मध्यम रूप से करो। जान लो कि तुम्हारे जन्नत में दाखिल नहीं గౌడే आमाल कर सकते, और अल्लाह को सबसे प्यारा अमल वह है जो नियमित और लगातार हो, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो।"*सहीह बुख़ारी , हदीस 6464 *्यह स्पष्ट करता है कि इस्लाम हमें हर मामले में संतुलित और मध्यम मार्ग अपनाने की शिक्षा देता है।*18/9/२5 9.33 am हदीस से प्रमाण १. अतिवाद से बचाव रसूलुल्लाह १७६ ने फ़रमायाः "हद से बढ़ने वाले बर्बाद हो गए (इसे तीन बार दोहराया) ।" सहीह मुस्लिम, हदीस २६७० २. इबादत में संतुलन रसूलुल्लाह १७६ ने फ़रमायाः "अमल सच्चाई से और मध्यम रूप से करो। जान लो कि तुम्हारे जन्नत में दाखिल नहीं గౌడే आमाल कर सकते, और अल्लाह को सबसे प्यारा अमल वह है जो नियमित और लगातार हो, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो।"*सहीह बुख़ारी , हदीस 6464 *्यह स्पष्ट करता है कि इस्लाम हमें हर मामले में संतुलित और मध्यम मार्ग अपनाने की शिक्षा देता है।*18/9/२5 9.33 am - ShareChat