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#चंद्रग्रहण #चंद्रग्रहण का राशियों पर असर #🌕चंद्रग्रहण के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
चंद्रग्रहण - पूर्ण चन्द्रग्रहण ( भारत में दृश्य ) भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा  ०७ सितम्बर २०२५ , रविवार पूर्णिमा  नोट यदि आप इस दिन का श्राद्ध करते है तो यह श्राद्ध दोपहर १२३५७ के पूर्व ही करना होगा। यह ग्रहण अंटार्कटिका, पश्चिमी प्रशांत महासागर, ऑस्ट्रेलेशिया, एशिया, हिंद महासागर, यूरोप, पूर्वी अटलांटिक महासागर के कुछहिस्सों में दिखाई देगा। रूस और  प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में चन्द्रास्त के समय उपच्छाया का प्रारम्भ दिखाईदेगा।  आइसलैंड, अफ्रीका के पश्चिमी हिस्से और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में पूर्ण  उपच्छाया का अन्त चन्द्रोदय के समय दिखाई देगा। भारत में दृश्यता  6 चंद्रग्रहण भारत के सभी हिस्सों से दिखाई देगा। पूरे देश में ग्रहण की शुरुआत से लेकर चरण दिखेंगे। इसका सूतक दोपहर १२:५७ पर अंत तक उपच्छाया सहित ग्रहण के सभी प्रारम्भ हो जायेगा। ग्रहण की परिस्थितियाँ भारतीय मानक समय ) उपच्छाया प्रवश स्पर्श ) मध्यरात्रि पूर्णता  रात्रि ०८ ५ ७ , ग्रहण प्रारम्भ T 09:57 সাণে मध्यरात्रि ११४१, 78ರ 12:23 , Taur ಣuinr' ११:००, ग्रहण मध्य समाप्त মসাদ (সাঃা) मध्यरात्रि ०१२७ , उपच्छाया अन्त HERIA 02:27, Taur ०३ घंटे ३० मिनट, पूर्णता की ग्रासमान ( परिमाण ) १.३६८, ग्रहण की अवधि अवधि :- ०१ घंटे २३ मिनट पूर्वाभाद्रपद तथा कुम्भ  ग्रहण का राशियों पर प्रभाव यह खग्रास चन्दग्रहण राशि में हो रहा है, इसलिए इनके लिए विशेषरूप से चन्द्र - राहु तथा राशिस्वामी शनि का जप व दान करना कल्याणकारी होगा। अन्य के लिए फल मेष धनलाभ  সিথুন :- सन्तान सम्बन्धी गुप्त चिन्ता, ४ कर्क उन्नति, २. वृष : - रोग, शरीरपीड़ा, 3 जीवनसाथी से संबन्धी चिन्ता, ६ कन्या शत्रुभय , साधारण लाभ, व्यय, 5 सिंह रोग, गुप्त चिन्ता, संघर्ष, ७ तुला  की अधिकता, कार्य में विलम्ब, 8 वृश्चिक व्यय कार्यसिद्धि, लाभ, १. धनु :- धनलाभ, उन्नति, १०. मकर :- धनहानि, व्यर्थ यात्रा, शरीरको कष्ट, शत्रुता, १२. मीन :- धनहानि, चिन्ता।  दुर्घटना, 11. ப: पूर्ण चन्द्रग्रहण ( भारत में दृश्य ) भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा  ०७ सितम्बर २०२५ , रविवार पूर्णिमा  नोट यदि आप इस दिन का श्राद्ध करते है तो यह श्राद्ध दोपहर १२३५७ के पूर्व ही करना होगा। यह ग्रहण अंटार्कटिका, पश्चिमी प्रशांत महासागर, ऑस्ट्रेलेशिया, एशिया, हिंद महासागर, यूरोप, पूर्वी अटलांटिक महासागर के कुछहिस्सों में दिखाई देगा। रूस और  प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में चन्द्रास्त के समय उपच्छाया का प्रारम्भ दिखाईदेगा।  आइसलैंड, अफ्रीका के पश्चिमी हिस्से और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में पूर्ण  उपच्छाया का अन्त चन्द्रोदय के समय दिखाई देगा। भारत में दृश्यता  6 चंद्रग्रहण भारत के सभी हिस्सों से दिखाई देगा। पूरे देश में ग्रहण की शुरुआत से लेकर चरण दिखेंगे। इसका सूतक दोपहर १२:५७ पर अंत तक उपच्छाया सहित ग्रहण के सभी प्रारम्भ हो जायेगा। ग्रहण की परिस्थितियाँ भारतीय मानक समय ) उपच्छाया प्रवश स्पर्श ) मध्यरात्रि पूर्णता  रात्रि ०८ ५ ७ , ग्रहण प्रारम्भ T 09:57 সাণে मध्यरात्रि ११४१, 78ರ 12:23 , Taur ಣuinr' ११:००, ग्रहण मध्य समाप्त মসাদ (সাঃা) मध्यरात्रि ०१२७ , उपच्छाया अन्त HERIA 02:27, Taur ०३ घंटे ३० मिनट, पूर्णता की ग्रासमान ( परिमाण ) १.३६८, ग्रहण की अवधि अवधि :- ०१ घंटे २३ मिनट पूर्वाभाद्रपद तथा कुम्भ  ग्रहण का राशियों पर प्रभाव यह खग्रास चन्दग्रहण राशि में हो रहा है, इसलिए इनके लिए विशेषरूप से चन्द्र - राहु तथा राशिस्वामी शनि का जप व दान करना कल्याणकारी होगा। अन्य के लिए फल मेष धनलाभ  সিথুন :- सन्तान सम्बन्धी गुप्त चिन्ता, ४ कर्क उन्नति, २. वृष : - रोग, शरीरपीड़ा, 3 जीवनसाथी से संबन्धी चिन्ता, ६ कन्या शत्रुभय , साधारण लाभ, व्यय, 5 सिंह रोग, गुप्त चिन्ता, संघर्ष, ७ तुला  की अधिकता, कार्य में विलम्ब, 8 वृश्चिक व्यय कार्यसिद्धि, लाभ, १. धनु :- धनलाभ, उन्नति, १०. मकर :- धनहानि, व्यर्थ यात्रा, शरीरको कष्ट, शत्रुता, १२. मीन :- धनहानि, चिन्ता।  दुर्घटना, 11. ப: - ShareChat