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#जय श्री हरि शरणम् #हरि शरणम् श्री हरि शरणम् जय श्री राम 🚩🏹
जय श्री हरि शरणम् - हरि शरणं राम रामेति रामेति , रमे रामे मनोरमे सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने इस मंत्र को श्री राम तारक मंत्र भी कहा जाता है। और fg সম্বুত   विष्णु के इसका जाप सहस्त्रनाम या १००० नामों के जाप के समतुल्य है। यह मंत्र श्री राम स्तोत्रम् के नाम से भी जाना जाता है। ২৪াা एक बार भूतभावन भगवान शिव ने अपनी प्राणवल्लभा पार्वती जी से अपने ही साथ भोजन किया। भगवती पार्वती जी ने यह अनुरोध करने का विष्णुसहस्रनाम कहकर टाला कि वे का पाठ कर रही हैं। थोड़ी देर तक प्रतीक्षा करके शिवजी ने जब पुनः पार्वती जी को बुलाया तब भी पार्वती जी ने यही उत्तर दिया कि॰वे विष्णुसहस्रनाम के पाठ के विश्राम के पश्चात् ही आ सकेंगी। शिव जी को शीघ्रता थी। भोजन ठण्डा हो रहा था। अतः भगवान भूतभावन ने कहा- पार्वति! राम राम कहो। एक बार राम कहने से विष्णुसहस्रनाम का सम्पूर्ण फल मिल जाता है। क्योंकि विष्णु सहस्रनाम के तुल्य है। इस श्रीराम नाम ही शिवजी के मुख से राम इस दो अक्षर के नाम प्रकार विष्णुसहस्रनाम के समान सुनकर राम इस द्व्यक्षर का नाम का जप करके पार्वती जी ने प्रसन्न होकर शिवजी के साथ भोजन किया। शिव बानी सुनि सहस नाम सम जपि जेई पिय संग भवानी हरि शरणं राम रामेति रामेति , रमे रामे मनोरमे सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने इस मंत्र को श्री राम तारक मंत्र भी कहा जाता है। और fg সম্বুত   विष्णु के इसका जाप सहस्त्रनाम या १००० नामों के जाप के समतुल्य है। यह मंत्र श्री राम स्तोत्रम् के नाम से भी जाना जाता है। ২৪াা एक बार भूतभावन भगवान शिव ने अपनी प्राणवल्लभा पार्वती जी से अपने ही साथ भोजन किया। भगवती पार्वती जी ने यह अनुरोध करने का विष्णुसहस्रनाम कहकर टाला कि वे का पाठ कर रही हैं। थोड़ी देर तक प्रतीक्षा करके शिवजी ने जब पुनः पार्वती जी को बुलाया तब भी पार्वती जी ने यही उत्तर दिया कि॰वे विष्णुसहस्रनाम के पाठ के विश्राम के पश्चात् ही आ सकेंगी। शिव जी को शीघ्रता थी। भोजन ठण्डा हो रहा था। अतः भगवान भूतभावन ने कहा- पार्वति! राम राम कहो। एक बार राम कहने से विष्णुसहस्रनाम का सम्पूर्ण फल मिल जाता है। क्योंकि विष्णु सहस्रनाम के तुल्य है। इस श्रीराम नाम ही शिवजी के मुख से राम इस दो अक्षर के नाम प्रकार विष्णुसहस्रनाम के समान सुनकर राम इस द्व्यक्षर का नाम का जप करके पार्वती जी ने प्रसन्न होकर शिवजी के साथ भोजन किया। शिव बानी सुनि सहस नाम सम जपि जेई पिय संग भवानी - ShareChat