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✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - कब है आंवला नवमी, अभी से जान लें 38, ন নিখি ٩٤ 8 @theunknownworldgg हर साल में एक बार आंवला नवमी की पूजा की जाती है, जिसे अक्षय नवमी भी कहते हैं, कार्तिक के महीने में शुक्ल पक्ष के दौरान आंवला नवमी का पर्व है, यह व्रत देवउठनी एकादशी से दो दिन पहले रखा जाता है, সনাযা আানা के सामान ही अत्यंत महत्वपूर्ण माना अक्षय नवमी का दिन भी अक्षय तृतीया है, अक्षय तृतीया के दिन ही चार युगों में से एक IST का आरम्भ हुआ ডানা था। है आंवला नवमी, अभी से जान लेें सही डेट - पंचांग और उदया तिथि के कब अनुसार, ३१ अक्टूबर के दिन आंवला नवमी मनाई जाएगी। ३० अक्टूबर २०२५ को १०:०६ ए एम बजे ননসী নিথি সাষেনে नवमी तिथि समाप्त ३१ अक्टूबर २०२५ को १०:०३ ए एम बजे आंवला नवमी के दिन सुबह ०६:३२ ए एम से १०:०३ ए एम तक मुहूर्त  शुभ मुहूर्त रहेगा। नवमी की पूजा कैसे करें - अक्षय नवमी के दिन पवित्र नदी या सरोवर अक्षय में स्नान कर स्वच्छ चाहिए, इसके बाद आंवले के वृक्ष के a धारण करना सफाई करें और हल्दी, चावल, कुमकुम या सिंदूर से वृक्ष की पूजा पास जाकर چ چ87 करें, सायंकाल में घी का दीपक जलाकर आंवले की सात बार परिक्रमा करें , इसके बाद खीर, पूरी और मिष्ठान का भोग लगाएं॰ पूजा के बाद प्रसाद बांटें और वृक्ष के नीचे भोजन करना विशेष पुण्यदायक माना गया है। अक्षय नवमी पर क्या करें ये काम - अक्षय नवमी के दिन पितरों के निमित्त अन्न, वस्त्र और कंबल का दान करना चाहिए, यह भी मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म का फल अनंत गुना मिलता है, आंवले  के वृक्ष के पास पितरों का तर्पण भी किया जाता है, इस दिन पवित्र वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन बनाना और करना अत्यंत शुभ माना गया है। कब है आंवला नवमी, अभी से जान लें 38, ন নিখি ٩٤ 8 @theunknownworldgg हर साल में एक बार आंवला नवमी की पूजा की जाती है, जिसे अक्षय नवमी भी कहते हैं, कार्तिक के महीने में शुक्ल पक्ष के दौरान आंवला नवमी का पर्व है, यह व्रत देवउठनी एकादशी से दो दिन पहले रखा जाता है, সনাযা আানা के सामान ही अत्यंत महत्वपूर्ण माना अक्षय नवमी का दिन भी अक्षय तृतीया है, अक्षय तृतीया के दिन ही चार युगों में से एक IST का आरम्भ हुआ ডানা था। है आंवला नवमी, अभी से जान लेें सही डेट - पंचांग और उदया तिथि के कब अनुसार, ३१ अक्टूबर के दिन आंवला नवमी मनाई जाएगी। ३० अक्टूबर २०२५ को १०:०६ ए एम बजे ননসী নিথি সাষেনে नवमी तिथि समाप्त ३१ अक्टूबर २०२५ को १०:०३ ए एम बजे आंवला नवमी के दिन सुबह ०६:३२ ए एम से १०:०३ ए एम तक मुहूर्त  शुभ मुहूर्त रहेगा। नवमी की पूजा कैसे करें - अक्षय नवमी के दिन पवित्र नदी या सरोवर अक्षय में स्नान कर स्वच्छ चाहिए, इसके बाद आंवले के वृक्ष के a धारण करना सफाई करें और हल्दी, चावल, कुमकुम या सिंदूर से वृक्ष की पूजा पास जाकर چ چ87 करें, सायंकाल में घी का दीपक जलाकर आंवले की सात बार परिक्रमा करें , इसके बाद खीर, पूरी और मिष्ठान का भोग लगाएं॰ पूजा के बाद प्रसाद बांटें और वृक्ष के नीचे भोजन करना विशेष पुण्यदायक माना गया है। अक्षय नवमी पर क्या करें ये काम - अक्षय नवमी के दिन पितरों के निमित्त अन्न, वस्त्र और कंबल का दान करना चाहिए, यह भी मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म का फल अनंत गुना मिलता है, आंवले  के वृक्ष के पास पितरों का तर्पण भी किया जाता है, इस दिन पवित्र वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन बनाना और करना अत्यंत शुभ माना गया है। - ShareChat