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👉माँ का अंदाज सदा सही था |👌 #माझी आई #आई #आईसाहेब #🎑जीवन प्रवास #✍🏽 माझ्या लेखणीतून
माझी आई - एच.एन.टोंपे निलंगा  शिवभक्त माँ का अंदाजा सदा सही था। सब्जी में नमक का, रिश्तों में कसक का, भविष्य की बचत का, गलतियों में चपत का, बच्चों के चरित्र का, गैरों में मित्र का, बेटी में संस्कार का, अपनों में व्यवहार का फिर भी न जाने क्यों बस उसे एक बात ही सुनने को  मिलती माँ तुम कुछ नहीं जानती, तुम इस दुनिया को नहीं  पहचानती , दुनिया अब हुई मस्तानी है, तुम्हारी सोच " ೯ Hி माँ हमेशा सोच में रहती। अगर हर अंदाजा मेरा  सही है, फिर कमी मुझमें कहाँ रह गई है। माँ फिर भी माँ होती है। हर बच्चे की सलाहकार होती है। तभी तो बच्चा कितना भी बड़ा हो जाए। माँ उसकी पहली चाह होती है। एच.एन.टोंपे निलंगा  शिवभक्त माँ का अंदाजा सदा सही था। सब्जी में नमक का, रिश्तों में कसक का, भविष्य की बचत का, गलतियों में चपत का, बच्चों के चरित्र का, गैरों में मित्र का, बेटी में संस्कार का, अपनों में व्यवहार का फिर भी न जाने क्यों बस उसे एक बात ही सुनने को  मिलती माँ तुम कुछ नहीं जानती, तुम इस दुनिया को नहीं  पहचानती , दुनिया अब हुई मस्तानी है, तुम्हारी सोच " ೯ Hி माँ हमेशा सोच में रहती। अगर हर अंदाजा मेरा  सही है, फिर कमी मुझमें कहाँ रह गई है। माँ फिर भी माँ होती है। हर बच्चे की सलाहकार होती है। तभी तो बच्चा कितना भी बड़ा हो जाए। माँ उसकी पहली चाह होती है। - ShareChat