#गौवर्धन_पूजा का त्यौहार गौमाता के लिए 56 भोग के गौअन्नकूट के लिए है, इस दिन भगवान श्री कृष्ण जी ने गौ के वर्धन पर्वत को कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर गौकुल वासियों को इंद्रकोप से बचा कर इंद्रदेव का अहंकार दूर कर गौमाता की सेवा का संदेश दिया था।
आज वेदलक्षणा गौमाता के गौबर से गिरिराज जी का स्वरूप बना कर फूल से सजाकर गौघृत से दीपक कर पूजन करते है, प्रातः गाय और नंदी को स्नान करवा के मेंहदी लगाकर हड़मच से श्रृंगारित कर संध्या में गौपूजन और खेखरा का आयोजन किया जाता है।
#गौमहिमा


