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काजू कटली — हीरे जैसी मिठास 💎🍬: काजू कटली (cashew slice) अपनी सरल पर परिष्कृत बनावट और डायमंड शेप के कारण हर त्यौहार की शान बन गई है, और इसकी जड़ें दक्खन (Deccan) क्षेत्र से जुड़ी मानी जाती हैं। वैज्ञानिक रवाए से देखें तो यह बनती है: भिगोकर पीसा हुआ काजू और “एक-स्टリング” चीनी सिरप का मिश्रण जब पककर नमी घटाता है तो काजू के प्राकृतिक फैट और चीनी के क्रिस्टलीकरण से चिकना परतदार-परंतु फर्म टेक्सचर बनता है — यही वजह है कि कटकर हीरे जैसे लोहे के टुकड़े बनते हैं। इतिहास का तर्क भी बताता है कि काजू (cashew) मूलतः दक्षिण अमेरिका का पेड़ है और पुर्तगाली सभ्यता के साथ भारत के तटीय क्षेत्रों (खासकर गोवा/केरल) में आया, जिससे काजू-आधारित मिठाइयों का प्रचलन बढ़ा। पोषण के दृष्टिकोण से सावधानी जरूरी है — एक छोटा टुकड़ा आमतौर पर ≈90–100 कैलोरी के आसपास होता है और इसमें चीनी व वसा दोनों अधिक होते हैं, इसलिए स्वाद में मॉडरेशन रखें। संस्कृति-कहानी: बारफी/काजू जैसी मिठाइयों के पीछे कुछ मुग़ल-कालीन कथाएँ भी मिलती हैं—इन्हें इतिहास की कहानियाँ समझकर पढ़ें; हर कहानी का ऐतिहासिक प्रमाण अलग हो सकता है। "एक टुकड़ा, हज़ारों खुशियाँ" — hook: घर पर केसर, पिस्ता या हल्का नमक मिलाकर बनाकर ट्राय कीजिए और बताइए कैसा लगा! #काजूकतली #KajuKatli #DiwaliSweets #CashewLove #SweetScience आप अगली post किस पर बनी देखना चाहते हैं comment करें @काजू कतली @काजू कतली @काजू कतली @🇮🇳काजू कतली🇮🇳 @🇮🇳काजू कतली🇮🇳 #तीज स्पेशल काजू कतली❣️ #काजू कतली मिठाई #काजू कतली 👌😋 #काजू कतली #मूंगफली 🥜 और मैदे से बनाए एकदम बाजार🤤😍 जैसी काजू कतली।
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