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एक हल्की सी परवाह रिश्ते को बरकरार रखती हैं अपनी पसंद को इतना प्यार और सम्मान दो की उसे किसी और की जरूरत ना पड़े मुक्ति 💞 #📓 हिंदी साहित्य #विजय पाल #✍️ साहित्य एवं शायरी ##️⃣DilShayarana💘 #📖 कविता और कोट्स✒️
📓 हिंदी साहित्य - एक हल्की सी परवाह रिश्ते को बरकरार रखती हैं अपनी पसंद को इतना प्यार और सम्मान दो की उसे किसी और की जरूरत ना पडे़ मुक्ति एक हल्की सी परवाह रिश्ते को बरकरार रखती हैं अपनी पसंद को इतना प्यार और सम्मान दो की उसे किसी और की जरूरत ना पडे़ मुक्ति - ShareChat