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#ધર્મ અને અધ્યાત્મ
ધર્મ અને અધ્યાત્મ - (वृंदावन ) हमें भगवदानंद की नही हो रही है अनुभूति রসক্ষা ড্রঙান কাহতা यह है कि हमने रुपया, भोग सामग्री , शरीर रधा प्रियता, शरीर संबंधी इन सभी को भगवान से बडा मान लिया है। श्री हित प्रेमानंद गोविन्द शरण जी महाराज (वृंदावन ) हमें भगवदानंद की नही हो रही है अनुभूति রসক্ষা ড্রঙান কাহতা यह है कि हमने रुपया, भोग सामग्री , शरीर रधा प्रियता, शरीर संबंधी इन सभी को भगवान से बडा मान लिया है। श्री हित प्रेमानंद गोविन्द शरण जी महाराज - ShareChat