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#गुलज़ार साहब की शायरी #गुलज़ार साहब 📝
गुलज़ार साहब की शायरी - तमन्ना ने ज़िंदगी के आँचल में सर रख कर पूछा.. मैं कब पूरी होऊँगी ? जिंदगी ने हंस कर जवाब दिया. जो पूरी हो जाए वो तमन्ना ही क्या.. the poetic genius  90207 तमन्ना ने ज़िंदगी के आँचल में सर रख कर पूछा.. मैं कब पूरी होऊँगी ? जिंदगी ने हंस कर जवाब दिया. जो पूरी हो जाए वो तमन्ना ही क्या.. the poetic genius  90207 - ShareChat