ShareChat
click to see wallet page
search
#gulzar #गुलजार शायरी #गुलज़ार एक एहसास #गुलज़ार साहब की शायरी #गुलज़ार शायरी
gulzar - बिछड़ते वक़्त मेरे सारे ऐब गिनाये उसने सोचता हूँ जब मिला था तब कौन सा हुनर था मुझमें | #TTR Shubhu creation ShareChat बिछड़ते वक़्त मेरे सारे ऐब गिनाये उसने सोचता हूँ जब मिला था तब कौन सा हुनर था मुझमें | #TTR Shubhu creation ShareChat - ShareChat