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#ओम नमो भगवते वासुदेवाय
ओम नमो भगवते वासुदेवाय - ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय सुमंगल सुप्रभात % त्वमक्षरं परमं वेदितव्यंत्वमस्य विश्वस्य परं निधानम् | शाश्वतधर्मगोप्ता सनातनस्त्वं पुरुषो मतो मे II त्वमव्ययः भावार्थ : हे भगवन! आप ही जानने योग्य परब्रह्म परमात्मा हैं, आप ही इस जगत के परम आधार हैं, आप ही अविनाशी सनातन धर्म के पालक हैं और मेरी समझ से आप ही अविनाशी सनातन पुरुष हैं। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय सुमंगल सुप्रभात % त्वमक्षरं परमं वेदितव्यंत्वमस्य विश्वस्य परं निधानम् | शाश्वतधर्मगोप्ता सनातनस्त्वं पुरुषो मतो मे II त्वमव्ययः भावार्थ : हे भगवन! आप ही जानने योग्य परब्रह्म परमात्मा हैं, आप ही इस जगत के परम आधार हैं, आप ही अविनाशी सनातन धर्म के पालक हैं और मेरी समझ से आप ही अविनाशी सनातन पुरुष हैं। - ShareChat