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#महफ़िल-ए-शायरी 💔✍️ #✍️ अनसुनी शायरी #✍️अनकही दिल की बात #📝 अधूरे अल्फाज़
महफ़िल-ए-शायरी 💔✍️ - तन्हाई इस तरह रास आ गई हैं, की 99೦ अब अपना साया भी साथ हो तो भीड़ लगती हैं .०० talash_zindagi_kil तन्हाई इस तरह रास आ गई हैं, की 99೦ अब अपना साया भी साथ हो तो भीड़ लगती हैं .०० talash_zindagi_kil - ShareChat