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#आश्चर्यजनक
आश्चर्यजनक - कोहिनपारा प्राथमिक शाला के बच्चों ने खुद धोये बर्तन वहीं प्राथमिक शाला में छोटे भोजन बनाने के बाद रसोइया बच्चों सेश्रम करवाए जाने का मीटिंग में चला गया, शिक्षा मामला शिक्षा व्यवस्था और बच्चों व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल की सुरक्षा पर गहरा सवाल खडा  करता है। यह घटना न केवल हरिभूमि न्यूज Mनगरी प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है॰ बल्कि इस बात की भी गेदरा के आश्रित गांव कोहिनपारा प्राथमिक शाला से एक चिंताजनक  बताती ক্ি हे आवश्यकता तस्वीर सामने आई है, जहां मध्यान्ह विद्यालयों में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु सख्त़ निगरानी और * সীতন ক নান নক্ক-নক্ক নিমার্থী नियमों का पालन सुनिश्चित किया स्वयं   बर्तन धोते   नजर आए कि रसोइया ने ही बर्तन धोने को कहा गया है॰ बच्चे स्वयं ऐसा कर विद्यालय का रसोइया भोजन बनाने जाए। पूरे मामले पर विकासखंड रहे होंगे। लेकिन बड़ा प्रश्न यह के बाद मीटिंग में चला गया, उसके बेह्वक दुशन छर्ट कहा था।यह बात इस और चिंताजनक है उठता है कि यदि विद्यालय प्रमुख शिक्षा अधिकारी से चर्चा करने पर बाद सभी बच्चे खाना खाए। 6 से9 कि इतने उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए " वर्ष आयु के छोटे बालक बर्तन के बच्चों की गतिविधियों पर नजर ही बच्चों को श्रम के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जबकि यह पूर्णतः नियम * नहीं रख पा रहे हें॰ तो बच्चों की पीछे काले को साफ सफाई करते कहा कि छोटे बच्चों से इस तरह का नजर आए। यह दृश्य न सिर्फ कार्य करवाना पूर्णतः नियमों के विरुद्ध है। सुरक्षा , देखरेख और शिक्षा का नियमों के खिलाफ है, बल्कि बच्चों इस   संबंध में विद्यालय के जिम्मा आखिर किसके हाथों में है ? विपरीत है। जांच कर संबंधित संस्था प्रमुख से बातचीत की गई तो নিঘালয जिम्मेदार शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रति लापरवाही और गंभीर  की प्रबंधन यह के विरुद्ध उचित एवं दंडात्मक उदासीनता को दर्शाता है। बच्चों से उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा किसी भी॰ लापरवाही स्पष्ट रूप से कई सवाल पूछताछ करने पर उन्होंने बताया  खड़े करती है। कार्रवाई की जाएगी । बच्चे को बर्तन धोने के लिए नहीं कोहिनपारा प्राथमिक शाला के बच्चों ने खुद धोये बर्तन वहीं प्राथमिक शाला में छोटे भोजन बनाने के बाद रसोइया बच्चों सेश्रम करवाए जाने का मीटिंग में चला गया, शिक्षा मामला शिक्षा व्यवस्था और बच्चों व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल की सुरक्षा पर गहरा सवाल खडा  करता है। यह घटना न केवल हरिभूमि न्यूज Mनगरी प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है॰ बल्कि इस बात की भी गेदरा के आश्रित गांव कोहिनपारा प्राथमिक शाला से एक चिंताजनक  बताती ক্ি हे आवश्यकता तस्वीर सामने आई है, जहां मध्यान्ह विद्यालयों में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु सख्त़ निगरानी और * সীতন ক নান নক্ক-নক্ক নিমার্থী नियमों का पालन सुनिश्चित किया स्वयं   बर्तन धोते   नजर आए कि रसोइया ने ही बर्तन धोने को कहा गया है॰ बच्चे स्वयं ऐसा कर विद्यालय का रसोइया भोजन बनाने जाए। पूरे मामले पर विकासखंड रहे होंगे। लेकिन बड़ा प्रश्न यह के बाद मीटिंग में चला गया, उसके बेह्वक दुशन छर्ट कहा था।यह बात इस और चिंताजनक है उठता है कि यदि विद्यालय प्रमुख शिक्षा अधिकारी से चर्चा करने पर बाद सभी बच्चे खाना खाए। 6 से9 कि इतने उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए " वर्ष आयु के छोटे बालक बर्तन के बच्चों की गतिविधियों पर नजर ही बच्चों को श्रम के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जबकि यह पूर्णतः नियम * नहीं रख पा रहे हें॰ तो बच्चों की पीछे काले को साफ सफाई करते कहा कि छोटे बच्चों से इस तरह का नजर आए। यह दृश्य न सिर्फ कार्य करवाना पूर्णतः नियमों के विरुद्ध है। सुरक्षा , देखरेख और शिक्षा का नियमों के खिलाफ है, बल्कि बच्चों इस   संबंध में विद्यालय के जिम्मा आखिर किसके हाथों में है ? विपरीत है। जांच कर संबंधित संस्था प्रमुख से बातचीत की गई तो নিঘালয जिम्मेदार शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रति लापरवाही और गंभीर  की प्रबंधन यह के विरुद्ध उचित एवं दंडात्मक उदासीनता को दर्शाता है। बच्चों से उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा किसी भी॰ लापरवाही स्पष्ट रूप से कई सवाल पूछताछ करने पर उन्होंने बताया  खड़े करती है। कार्रवाई की जाएगी । बच्चे को बर्तन धोने के लिए नहीं - ShareChat