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#jay jinendra
jay jinendra - महावीर   वाणी देशन्काल भांडापेक्षया सर्वार्थो भवत् । वा राजा का यह कर्तव्य है कि वह अपने राज्य की समस्त वस्तुओं  अन्न,वस्त्र एवं स्वर्ण आदि पदार्था का मूल्य देश काल और पदार्थों के 574347743/ आचार्य सूरसूरी द्वारा रचित 'नीतिवाक्यामृतम् ', त्रयी समुद्देश १५) जिनेंद्र जय प्रथमानन्द जी मुनिश्री महावीर   वाणी देशन्काल भांडापेक्षया सर्वार्थो भवत् । वा राजा का यह कर्तव्य है कि वह अपने राज्य की समस्त वस्तुओं  अन्न,वस्त्र एवं स्वर्ण आदि पदार्था का मूल्य देश काल और पदार्थों के 574347743/ आचार्य सूरसूरी द्वारा रचित 'नीतिवाक्यामृतम् ', त्रयी समुद्देश १५) जिनेंद्र जय प्रथमानन्द जी मुनिश्री - ShareChat