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#मेरी हृदय मेरी माँ #आध्यात्मिक दृष्टिकोण #आध्यात्मिक रचना
मेरी हृदय मेरी माँ - मनुष्य की बुद्धि अचेत और निर्णयशक्ति मंद और विवेक असमर्थ होने के कारण यह है कि मनुष्य के भीतर का उथल पुथल मनुष्य को अपने अंग प्रत्यंग को अलग अलग महसूस कराने लगता है जैसे स्वयं का स्वयं पर से লঘানা ট! नियंत्रण टूटने मनुष्य की बुद्धि अचेत और निर्णयशक्ति मंद और विवेक असमर्थ होने के कारण यह है कि मनुष्य के भीतर का उथल पुथल मनुष्य को अपने अंग प्रत्यंग को अलग अलग महसूस कराने लगता है जैसे स्वयं का स्वयं पर से লঘানা ট! नियंत्रण टूटने - ShareChat