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#भक्ती स्टेटस
भक्ती स्टेटस - माधवाचार्य जी एक महान संत और समाज सुधारक थे, इन्होंने ब्रह्म सूत्र और दस उपनिषदों की व्याख्या लिखी है। वे उत्तरी भारत की यात्रा के समय बदरी आश्रम से दिग्विजयी राम की मूर्ति दक्षिण ले गए थे। उन्होंने अपने शिष्य नर -हरितीर्थ से से मूल  १२६४ ई के लगभग जगन्नाथ पुरी  IH और सीता की मूर्ति मँगवाई थी। यही मूर्ति मैसूर 7 में मूलराम के नाम से स्थापित की गई থী | प्रारम्भ में ये जगद् गुरू शंकराचार्य जी के शिष्य बनें एवं इनका मध्व नाम दिया गया, कुछ स्थानों पर माधवाचार्य जी को श्री हनुमान जी का अवतार भी माना जाता है। माधवाचार्य जी एक महान संत और समाज सुधारक थे, इन्होंने ब्रह्म सूत्र और दस उपनिषदों की व्याख्या लिखी है। वे उत्तरी भारत की यात्रा के समय बदरी आश्रम से दिग्विजयी राम की मूर्ति दक्षिण ले गए थे। उन्होंने अपने शिष्य नर -हरितीर्थ से से मूल  १२६४ ई के लगभग जगन्नाथ पुरी  IH और सीता की मूर्ति मँगवाई थी। यही मूर्ति मैसूर 7 में मूलराम के नाम से स्थापित की गई থী | प्रारम्भ में ये जगद् गुरू शंकराचार्य जी के शिष्य बनें एवं इनका मध्व नाम दिया गया, कुछ स्थानों पर माधवाचार्य जी को श्री हनुमान जी का अवतार भी माना जाता है। - ShareChat