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#suvi char please follow Karen
suvi char - एक ख़्वाब था... छोटा सा, मासूम सा, न कोई हद , न कोई दायरा, बस एक एहसास सा। सोचा था- वक्त मिले तो जी लेंगे , బకT सुकून हो तो पूरा कर लेंगे।  थोड़ा  मगर वक्त ने दौड़ना बंद न किया, हम ठहरते रहे, ख़्वाब बहता रहा।  कभी हालात रोके, ಫ೫ मजबूरियाँ , कभी दुनिया हँसी, कभी अपनी ही कमज़ोरियाँ । फिर एक दिन... वो ख़्वाब आँखों से गिरकर ज़मीन पर टूट गया, हम सोचते ही रह गए- और सफ़र आगे बढ I एक ख़्वाब था... छोटा सा, मासूम सा, न कोई हद , न कोई दायरा, बस एक एहसास सा। सोचा था- वक्त मिले तो जी लेंगे , బకT सुकून हो तो पूरा कर लेंगे।  थोड़ा  मगर वक्त ने दौड़ना बंद न किया, हम ठहरते रहे, ख़्वाब बहता रहा।  कभी हालात रोके, ಫ೫ मजबूरियाँ , कभी दुनिया हँसी, कभी अपनी ही कमज़ोरियाँ । फिर एक दिन... वो ख़्वाब आँखों से गिरकर ज़मीन पर टूट गया, हम सोचते ही रह गए- और सफ़र आगे बढ I - ShareChat