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#मेरी हृदय मेरी माँ #आध्यात्मिक दृष्टिकोण #आध्यात्मिक रचना
मेरी हृदय मेरी माँ - इस दुनियां में मनुष्य सचमुच अकेला जन्म लेता है,अकेला संघर्ष करता है,और अंत में अकेले ही लौट जाता है।लेकिन इस अकेलेपन की यात्रा में,हमारे अनुभव, हमारे कर्म और हमारी यादें हमारा वास्तविक साथ बनकर साथी की तरह साथ निभाते 81 इस दुनियां में मनुष्य सचमुच अकेला जन्म लेता है,अकेला संघर्ष करता है,और अंत में अकेले ही लौट जाता है।लेकिन इस अकेलेपन की यात्रा में,हमारे अनुभव, हमारे कर्म और हमारी यादें हमारा वास्तविक साथ बनकर साथी की तरह साथ निभाते 81 - ShareChat