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#भक्ति भावनायें और ईश्वर आस्था
भक्ति भावनायें और ईश्वर आस्था - ಣmnE वाणीः स्वाद चक्र ब्रह्मादि बासा, जहां सावित्री ब्रह्मा रहैं। ऊँ जाप जपंत हंसा , ज्ञान जोग सतगुरु कहैं। ।  सरलार्थः- मूल चक्र से एक इन्च ऊपर स्वाद कमल है। इस कमल में सावित्री तथा ब्रह्मा जी का निवास है। इस कमल को विकसित करने के लिए जी ने मुझे ओम् (ऊँ) नाम का जाप कर। यह भेद परमेश्वर कबीर (संत गरीबदास जी से) सतगुरू रूप में प्रकट होकर कहा है। Satlok Ashram संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ Follow us on ಣmnE वाणीः स्वाद चक्र ब्रह्मादि बासा, जहां सावित्री ब्रह्मा रहैं। ऊँ जाप जपंत हंसा , ज्ञान जोग सतगुरु कहैं। ।  सरलार्थः- मूल चक्र से एक इन्च ऊपर स्वाद कमल है। इस कमल में सावित्री तथा ब्रह्मा जी का निवास है। इस कमल को विकसित करने के लिए जी ने मुझे ओम् (ऊँ) नाम का जाप कर। यह भेद परमेश्वर कबीर (संत गरीबदास जी से) सतगुरू रूप में प्रकट होकर कहा है। Satlok Ashram संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ Follow us on - ShareChat